यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bilaspur News: अपरा एकादशी आज, व्रतियों को मिलेगा अपार पुण्य, न्यायधानी के प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, एकादशी पर ऐसे करें पूजा
पं.तिवारी बताते हैं कि अपरा एकादशी का व्रत शुभ फलों से भरा है। माना जाता है कि इस व्रत को ने से पहले यानी दशमी के दिन शाम में सूर्यास्त के बाद से ही व...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 02 Jun 2024 09:39:40 AM (IST)Updated Date: Sun, 02 Jun 2024 09:39:40 AM (IST)
HighLights
- एकादशी पर ऐसे करें पूजा
- घर के हर कोने में जलाएं दीप
- जलक्रीड़ा एकादशी और अचला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को अपरा एकादशी कहा जाता है। इस साल दो जून को यह एकादशी का पर्व मनाया जाएगा। न्यायधानी में पर्व की पूर्व संध्या पर व्रतियों ने बाजार में खूब खरीदारी की। पूजा सामग्री और फलों की दुकान में देर शाम तक भीड़ थी। मान्यता है कि अपरा एकादशी का व्रत रखने वाले व्रतियों पर भगवान विष्णु विशेष कृपा करते हैं।
घर में धन की कभी कमी नहीं होती। कर्ज से मुक्ति मिलती है। ज्येष्ठ माह भीषण गर्मी वाला होता है, इस समय सूर्यदेव चरम पर होते हैं। माना जाता है कि इस दौरान उन्हें जल चढ़ाने से भाग्योदय होता है और मान सम्मान में वृद्धि होती है। शंकर नगर स्थिति राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी पंडित रमेश तिवारी का कहना है कि धार्मिक दृष्टि यह माह बेहद महत्वपूर्ण है। ये भगवान विष्णु का प्रिय मास है। इस महीने में उनकी पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
यही नहीं ज्येष्ठ माह में मां गंगा और हनुमान जी की पूजा का भी बहुत महत्व है। इस दिन उपवास रखने से व्यक्ति को अपार धन की प्राप्ति होती है। इसे जलक्रीड़ा एकादशी और अचला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। अपरा एकादशी का मतलब होता है अपार पुण्य। मान्यताओं के इस दिन विष्णु जी की पूजा करने से व्यक्ति के दुखों अंत होता का है और सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
एकादशी पर ऐसे करें पूजा
पं.तिवारी बताते हैं कि अपरा एकादशी का व्रत शुभ फलों से भरा है। माना जाता है कि इस व्रत को ने से पहले यानी दशमी के दिन शाम में सूर्यास्त के बाद से ही व्यक्ति को रखने भोजन नहीं करना चाहिए। फिर एकादशी के दिन सुबह स्नान के बाद विष्णु जी की विधि अनुसार पूजा करनी चाहिए। इस दौरान पूजा में तुलसी पत्ता, श्रीखंड चंदन, गंगाजल एवं मौसमी फलों का प्रसाद भगवान को अर्पित करें। व्रत रखने वाले लोग पूरे दिन अन्न का सेवन न करें। यदि जरूरत पड़े, तो फलाहार ले सकते हैं। अपरा एकादशी की शाम को विष्णु जी की आराधना करें और विष्णुसहस्रनाम का पाठ करें। माना जाता है कि इस पाठ से विष्णु जी की विशेष कृपा बनी रहती है।
घर के हर कोने में जलाएं दीप
क मान्यता है कि अगर आप धन संकट से जूझ रहे हैं तो शाम के समय घर के हर एक हिस्से में दीपक जरूर जलाएं। इससे भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में कभी धन की कमी नहीं होती है। अपरा एकादशी के दिन भगवान विष्णु को पीले रंग की मिठाई का भोग जरूर लगाएं। शास्त्रों के अनुसार भगवान विष्णु को पीला रंग अधिक प्रिय है। इससे वह जल्दी प्रसन्न होते हैं और अपने भक्त के ऊपर कृपा बनाए रखते हैं। यह भी कहा जाता है कि दक्षिणावर्ती शंख में गाय का दूध डालकर उनका अभिषेक करें। ऐसा करने से आपको मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी और आपके जीवन में खुशियां आ जाएंगी।