
बिलासपुर (निप्र)। ब्लॉक पुनर्गठन को लेकर प्रशासकीय प्रक्रिया को अंजाम देने और फाइल लॉक करने के बाद राज्य शासन ने अपनी एक और महत्वाकांक्षी योजना को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है। तहसीलों के पुनर्गठन को लेकर शासन स्तर पर सुगबुगाहट शुरू हो गई है। जिला मुख्यालय में आयोग द्वारा 26 मई को जनसुनवाई की जाएगी। गुरुवार को फैक्स के जरिए शासन से मिले निर्देश के बाद प्रशासनिक अमले की सक्रियता बढ़ गई है।
आचार संहिता के शिथिल होते ही सरकारी कामकाज पटरी पर लौटते नजर आएगी। पहले दौर में राज्य शासन ने अपने महत्वाकांक्षी योजनाओं को अमलीजामा पहनाने का निर्णय लिया है। गुरुवार 8 मई को फैक्स के जरिए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे शासन के निर्देशों पर गौर करें तो तहसील पुनर्गठन को लेकर जल्द ही प्रशासकीय मशक्कत प्रारंभ होने वाली है। तहसीलों के पुनर्गठन तथा जिला सीमा संबंधी विसंगतियों को लेकर राज्य सरकार ने गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है। जिला गठन के बाद आधे से ज्यादा जिलों के निवासियों द्वारा सीमा संबंधी आपत्तियां शासन के समक्ष दर्ज कराई थीं। इनका कहना था कि नजदीक के जिले में शामिल करने के बाद दूरस्थ जिले में शामिल कर दिया गया है। जिला सीमा संबंधी विवाद के निपटारे के साथ ही तहसीलों के पुनर्गठन को लेकर अब सक्रियता बढ़ गई है। जारी आदेश पर गौर करें तो जिला सीमा विसंगति के अलावा तहसीलों के पुनर्गठन से पूर्व राज्य शासन पूरी तरह आश्वस्त हो जाना चाहता है। तहसीलों के पुनर्गठन के दौरान किस गांव में किस तहसील के नक्शे में शामिल किया जाए। इसे लेकर एक-एक बिंदुओं पर बारीकी से परीक्षण की तैयारी पूरी कर ली है। इसी के मद्देनजर जिला सीमा को लेकर जिन जिलों के लोगों को आपत्ति है उनकी व तहसीलों के पुनर्गठन के संबंध में जनसुनवाई के लिए 26 मई की तिथि तय की है। यहां यह बताना लाजिमी है कि नई तहसीलों के गठन व पुनर्गठन तथा जिला सीमा विसंगति के संबंध में सुझाव व प्रस्ताव जिला प्रशासन के अलावा जनप्रतिनिधियों व आम लोगों की राय आयोग ने पहले ही प्राप्त कर ली है। इन सुझावों को लेकर आयोग द्वारा जनसुनवाई की जाएगी। तहसील गठन व पुनर्गठन के अलावा जिला सीमा विवाद संबंधी सुझावों को लेकर की जाने वाली जनसुनवाई के बाद आयोग अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप देगा। आयोग के अनुशंसा के आधार पर शासन द्वारा निर्णय लिए जाएंगे।
संभाग के सभी जिलों की एकसाथ सुनवाई
26 मई को कलेक्टोरेट परिसर स्थित मंथन सभाकक्ष में ब्लॉक व तहसील पुनर्गठन आयोग द्वारा संभाग के अंतर्गत आने वाले जिलों बिलासपुर, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, कोरबा व रायगढ़ जिले से संबंधित प्रस्तावों पर जनसुनवाई की जाएगी। इस दौरान आयोग के चेयरमैन व सदस्य मौजूद रहेंगे। सुनवाई के दौरान आने वाली आपत्तियों व सुझाव को लिखित में दर्ज करेंगे।
ब्लॉक गठन की कार्रवाई पूरी
राज्य शासन द्वारा प्रदेश में नए ब्लॉक बनाने व बड़े ब्लॉकों के पुनर्गठन के संबंध में गठिन आयोग ने जनसुनवाई का काम पूरा कर लिया है। लोगों से मिले सुझाव व आपत्तियों का निराकरण करते हुए ब्लॉक गठन व पुनर्गठन के संबंध में प्रक्रिया पूरी कर ली है।
मुंगेली जिले में शामिल होने को लेकर विवाद
बिलासपुर जिले का विभाजन कर राज्य शासन ने मुंगेली को नया जिला बनाया है। नए जिले में पथरिया ब्लॉक के गांवों को शामिल किया गया है। पथरिया ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ऐसे गांव जो बिलासपुर जिला मुख्यालय के करीब हैं, यहां के निवासियों ने मुंगेली जिले में शामिल करने को लेकर नाराजगी जताई थी। जनसुनवाई के दौरान जिला सीमा विसंगति के अंतर्गत इनकी परेशानियों व सुझाव को भी आयोग द्वारा सुना जाएगा।
तहसीलों के गठन व पुनर्गठन के अलावा जिला सीमा विसंगति के संबंध में आयोग द्वारा जनसुनवाई की जाएगी। इसके लिए 26 मई की तिथि तय की गई है। संभाग के सभी जिले से संबंधित प्रस्तावों पर सुनवाई की जाएगी।
सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, कलेक्टर