
बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि। मानसून के दस्तक देते ही शहर में एक और संकट गहराने लगा है। एक तरफ जहां बरसात के दिनों में आवारा कुत्तों के आक्रामक होने से डाग बाइट के मामले बढ़ने की आशंका है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी अस्पतालों में एंटी-रेबीज वैक्सीन (एआरवी) का स्टाक बेहद सीमित हो गया है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कार्पोरेशन (सीजीएमएससी) द्वारा समय पर वैक्सीन की आपूर्ति न किया जाना है, जिससे आने वाले दिनों में मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
बरसात के मौसम में आवारा कुत्तों के लिए स्थितियां बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाती हैं। लगातार बारिश के कारण उन्हें न तो ठीक से भोजन मिल पाता है और न ही रहने के लिए सूखी जगह मिलती है। नमी और कीचड़ के कारण ये जानवर अक्सर आक्रामक हो जाते हैं और राहगीरों को निशाना बनाते हैं। यही कारण है कि इस सीजन में डाग बाइट के मामलों में काफी वृद्धि देखी जाती है।
डाग बाइट होने पर पीड़ित का इलाज इसी वैक्सीन के माध्यम से किया जाता है। यदि नहीं मिला तो बाजार से खरीदने की मजबूरी बढ़ जाएगी और सरकारी अस्पतालों में इलाज प्रभावित होगा। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की मानें तो अस्पतालों में वैक्सीन की कमी का मुख्य कारण सीजीएमएससी की लचर आपूर्ति व्यवस्था है। जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों द्वारा समय रहते वैक्सीन की डिमांड भेजी जाती है, लेकिन करर्पोरेशन से समय पर सप्लाई नहीं मिल पाती है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, जब तक पुरानी खेप खत्म होने को आती है, उससे काफी पहले ही डिमांड भेज दी जाती है, लेकिन फाइलें और आपूर्ति प्रक्रिया में हो रही देरी के कारण स्टाक खत्म होने की नौबत आ जाती है। यदि जल्द ही वैक्सीन की बड़ी खेप नहीं पहुंची, तो जिला अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में वैक्सीन का टोटा पड़ना तय है।
पीड़ितों के लिए बढ़ेगा संकट
वैक्सीन की किल्लत का सीधा असर आम मरीजों पर पड़ता है। ग्रामीण अंचलों से आने वाले मरीज जब सरकारी अस्पताल में पहुंचते हैं और वहां उन्हें ''''वैक्सीन खत्म'''' होने की बात पता चलती है, तो उन्हें निजी क्लीनिकों की ओर रुख करना पड़ता है। निजी अस्पतालों में एक इंजेक्शन की भारी-भरकम कीमत गरीब मरीजों की जेब पर सीधा डाका डालती है।
कैसे करें बचाव
अस्पतालों में वैक्सीन का स्टाक सीमित है। मांग के अनुरूप समय पर सप्लाई नहीं मिलने से दिक्कतें हो रही हैं। इस संबंध में हमने उच्च अधिकारियों को फिर से अवगत कराया है ताकि आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। शुभा गढ़ेवाल, सीएमएचओ