
नईदुनिया बिलासपुर। जीवनदायिनी अरपा समेत अन्य नदियों से अब रेत का अवैध काला कारोबार नहीं चलेगा। मानसून की दस्तक के साथ ही प्रशासन ने जिले की सभी रेत खदानों को सील कर दिया है। प्रतिबंधित सीजन में यदि कहीं भी उत्खनन या परिवहन हुआ, तो संलिप्त आरोपितों को सीधे जेल की हवा खानी पड़ेगी।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने रेत चोरो के सिंडिकेट पर कार्रवाई करने के लिए खनिज विभाग, पुलिस और राजस्व अमले को खुली छूट दी है। मालूम हो की हर साल बारिश के मौसम में भी चोरी-छिपे नदियों का सीना चीरकर रेत निकाली जाती थी। इस खेल को पूरी तरह बंद करने के लिए ही नियमों में कुछ बदलाव हुआ है। प्रतिबंधित अवधि के दौरान किसी भी चेन माउंटेन या पोकलेन जैसी भारी मशीनों को नदियों के भीतर उतारने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी।
कलेक्टर ने साफ किया है कि यदि कोई भी नदी घाटों पर अवैध उत्खनन या सड़कों पर अवैध परिवहन करते पकड़ा गया, तो केवल गाड़ियों की जब्ती नहीं होगी, बल्कि संबंधित आरोपितों के खिलाफ सीधे थानों में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में भी जहां रेत का अवैध भंडारण किया गया है, वहां तत्काल छापेमारी कर माल राजसात करने की बड़ी कार्ययोजना बनाई गई है। प्रशासन की चौतरफा घेराबंदी से इस बार मानसून में नदियों के प्राकृतिक स्वरूप को उजड़ने से बचाया जा सकेगा।
बारिश के सीजन में नदियों का संरक्षण जरूरी
बैठक में रेत घाट बंद करने के साथ-साथ अरपा नदी के पुनर्जीवन और अन्य नदियों में समन्वित विकास पर भी गंभीर चर्चा हुई। प्रशासन का मानना है कि मानसून के दौरान रेत का अवैध उत्खनन रोकने से नदी का प्राकृतिक स्वरूप सुरक्षित रहेगा और किनारों पर बड़े पैमाने पर किए जाने वाले पौधरोपण अभियान को भी बड़ी सफलता मिलेगी।
वर्जन
वर्षा ऋतु के कारण बिलासपुर जिले की सभी नदियों से रेत उत्खनन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। खनिज विभाग को अवैध उत्खनन और अवैध भंडारण पर लगातार छापेमारी करने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालो वाहनों को जब्त कर उन पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।संजय अग्रवाल, कलेक्टर बिलासपुर