यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 30, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बनेगा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, बीसीसीआई ने दी मंजूरी
स्टेडियम का खेल मैदान को बड़ा बनाया जाएगा, ताकि इसमे स्टेट लेबल, रणजी लेवल, टी-20 और टेस्ट मैच के लिए मैदान को बड़ा व छोटा किया जा सकेगा।
By Manoj Kumar TiwariEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Sat, 30 Dec 2023 11:32:50 AM (IST)Updated Date: Sat, 30 Dec 2023 12:53:41 PM (IST)
बिलासपुर शहर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम प्रतीकात्मक चित्र।HighLights
- छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ को दी गई है मैदान निर्माण की जवाबदारी
- भूमि मिलते ही तेज हो जाएगी प्रक्रिया
- प्रशासन स्तर पर भी मांगा गया सहयोग
बिलासपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। अब प्रदेश में दूसरा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम तैयार होने जा रहा है। जिसे बिलासपुर में बनाए जाने की मंजूरी मिली है। बीसीसीआइ ने प्रस्ताव मंजूर करते हुए अब जगह तलाश करने के निर्देश छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ और क्रिकेट संघ बिलासपुर के दे दिया है। ऐसे में संघ के पदाधिकारी स्थल चयन की कवायद में जुट गए हैं। तलाश पूरी होने व जमीन खरीदने के बाद नया क्रिकेट स्टेडियम तैयार किया जाएगा। ऐसे में स्टेडियम बनने के साथ ही बिलासपुर में भी रणजी मैच होने लगेंगे। वहीं निकट भविष्य में यहां पर भी आईपीएल के साथ ही इंटरनेशनल मैच के आयोजन का भी द्वार खुल जाएगा।
खास बात यह है कि रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम को राज्य सरकार ने तैयार किया था, जिससे वहां प्रबंधन से लेकर मेंटेनेंस तक में कई विभागों की दखल हो गई। जबकि बिलासपुर में बनने वाला स्टेडियम पूर्ण रूप से बीसीसीआइ के द्वारा बनाया जाएगा। वर्ष 2016 में छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ को स्थायी सदस्यता और रणजी की मान्यता मिलने के बाद बिलासपुर शहर के खिलाड़ियों व शहरवासियों को भी क्रिकेट में ज्यादा मौके मिलने की उम्मीद बढ़ी थीं। वहीं अब इस उम्मीद को पंख लगने लगे हैं। स्टेडियम बनने के बाद देश के नक्शे में बीसीसीआइ का एक और इंटरनेशनल स्टेडियम बिलासपुर में नजर आएगा। जो बिलासपुर वासियों के लिए किसी सौगात से कम न होगा।
भूमि मिलते ही तेज हो जाएगी प्रक्रिया
क्रिकेट संघ बिलासपुर के सचिव विंटेश अग्रवाल ने बताया कि स्टेडियम बनाने की स्वीकृति मिल जाने के बाद शहर के आसपास जमीन खोजने की प्रक्रिया चल रही है, जैसे ही भूमि का चयन हो जाएगा, वैसे ही इसकी जानकारी बीसीसीआइ को दे दी जाएगी। इसके बाद जमीन खरीदी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। साफ है कि आने वाले दिनों में बिलासपुर में भी एक इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम रहेगा, इससे यहां की क्रिकेट प्रतिभा को स्तरीय प्लेटफार्म मिलेगा और उनकी खेल प्रतिभा में निखार आएगा। इसी तरह बिलासपुरवासियों के इस स्टेडियम में नेशनल से लेकर इंटरनेशनल मैच देखने को मिलेगा, जो बिलासपुर के लिए किसी सौगात से कम नहीं है।
प्रशासन स्तर पर भी मांगा गया सहयोग
सचिव अग्रवाल ने बताया कि जमीन चयन की प्रक्रिया चल रही है। शहर के चारों ओर इसके लिए संभावनाएं तलाश की जा रहीं हैं। स्टेडियम बनने के बाद जिले का खेल इ्रंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ेगा, इन बातों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन स्तर पर भी जमीन के लिए सहयोग मांगा गया है। यदि शासन स्तर पर सहयोग मिलता है तो यह स्टेडियम जल्द ही आकार लेने लगेगा।
शुरुआत में 15 एकड़ से ज्यादा जमीन
सिर्फ मैदान व उसके पैवेलियन व अन्य सुविधाओं के लिए ही कम से कम 15 से 20 एकड़ जमीन या उससे ज्यादा जमीन चाहिए होगी। ऐसे में स्टेडियम के लिए उपयुक्त जमीन खोजने में कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, जमीन खोजने का काम तेजी से किया जा रहा है। जैसे-जैसे स्टेडियम का काम शुरू होगा, वैसे ही सुविधाओं के विस्तार को देखते हुए आसपास की और भी भूमि खरीदी जाएगी। एक सर्वसुविधायुक्त मैदान के लिए 15 एकड़ से अधिक की जमीन को पर्याप्त माना जाता है।
बड़ा रहेगा मैदान
स्टेडियम का खेल मैदान को बड़ा बनाया जाएगा, ताकि इसमे स्टेट लेबल, रणजी लेवल, टी-20 और टेस्ट मैच के लिए मैदान को बड़ा व छोटा किया जा सकेगा। मैदान की बाउंड्री चारों तरह से 80 से 85 मीटर तक रखी जाएगी। मैच फार्मेट के साथ मैदान की बाउंड्री को छोटा-बड़ा किया जाएगा, जो कि एक इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में यह सुविधा रहती है। इसी वजह से टी-20 मैच के लिए मैदान की बाउंड्री 60 से 70 मीटर तक रहेगी, तो वन-डे व टेस्ट मैच के लिए ग्राउंड की लंबाई 70 से 85 मीटर तक आवश्यकता अनुसार किया जा सकेगा।
जमीन के लिए ये रहेंगी शर्तें-
जमीन नए मास्टर प्लान से बाहर होनी चाहिए। आवासीय, इंडस्ट्रियल और कमर्शियल जमीन नहीं होनी चाहिए। भूखंड पर हाईटेंशन तार, नहर, नाला, धार्मिक स्थल और समाधि-कब्र आदि न रहे। किसी तरह की विवादित भूमि नहीं होनी चाहिए। जमीन किसी बैंक या अन्य संस्थानों में गिरवी नहीं होनी चाहिए।