नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: एसबीआइ क्रेडिट कार्ड बंद कराने के नाम पर एक मैकेनिक से साइबर ठगी का मामला सामने आया है। जालसाजों ने पहले फोन कर खुद को बैंक का एजेंट बताया और क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारी बताकर पीड़ित को भरोसे में लिया। इसके बाद मोबाइल पर लिंक भेजकर उसे क्लिक कराया।
सरकंडा के अशोक नगर मुरुम खदान के पास रहने वाले आकाश कुमार साहू गीजर लगाने का काम करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि नौ दिसंबर 2025 को वह बिलासपुर से कोटा जा रहा था। दोपहर करीब 3.45 बजे भरनी सीआरपीएफ कैंप के पास उसके मोबाइल पर अनजान नंबर से काल आया। काल करने वाले ने खुद को एसबीआइ का एजेंट बताते हुए उसके क्रेडिट कार्ड की जानकारी बताई।
उसने कहा कि कार्ड पर इंटरनेशनल-डोमेस्टिक काल सुविधा चालू है और इसे बंद नहीं करने पर चार हजार रुपये कट जाएंगे। इसके बाद जालसाज ने एसबीआइ का लिंक भेजकर उसे क्लिक करने को कहा। लिंक खोलते ही मोबाइल में काल फारवर्डिंग सक्रिय हो गई और काल व मैसेज की जानकारी जालसाजों तक पहुंचने लगी। कुछ ही देर में क्रेडिट कार्ड से 9500 रुपये के दो ट्रांजेक्शन से 19 हजार रुपये खाते से कट गए। ठगी का पता चलने पर पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अनजान लिंक पर क्लिक न करें
बैंक, क्रेडिट कार्ड या किसी सरकारी संस्था के नाम पर फोन करने वाला व्यक्ति यदि मोबाइल पर लिंक भेजकर उसे खोलने के लिए कहे तो सावधान रहें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से मोबाइल की संवेदनशील जानकारी, काल, मैसेज या बैंकिंग विवरण जालसाजों तक पहुंच सकते हैं। बैंक कभी भी फोन पर ओटीपी, पासवर्ड, पिन या सीवीवी जैसी गोपनीय जानकारी नहीं मांगता। किसी भी समस्या के समाधान के लिए बैंक की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल एप या कार्ड के पीछे दिए गए अधिकृत हेल्पलाइन नंबर का ही इस्तेमाल करें।
काल फारवर्डिंग की जांच करते रहें
साइबर जालसाज कई बार लिंक के माध्यम से मोबाइल में काल फारवर्डिंग सक्रिय कर देते हैं। इससे आपके मोबाइल पर आने वाले महत्वपूर्ण काल और ओटीपी संबंधी संदेश जालसाजों तक पहुंच सकते हैं। मोबाइल में यदि अचानक काल फारवर्डिंग का विकल्प सक्रिय दिखाई दे तो तुरंत उसे बंद करें।
किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई ऐप इंस्टाल न करें और न ही मोबाइल की सेटिंग बदलें। बैंकिंग से जुड़े संदेशों और लेनदेन की जानकारी नियमित रूप से जांचते रहें। संदेह होने पर तुरंत बैंक को सूचना दें और संबंधित सेवा को ब्लाक कराएं।
ठगी होते ही तुरंत शिकायत करें
यदि साइबर ठगी में रुपये कट जाएं तो घबराने के बजाय तत्काल कार्रवाई करें। सबसे पहले संबंधित बैंक या क्रेडिट कार्ड कंपनी को सूचना देकर कार्ड और संबंधित सुविधा को ब्लाक कराएं। इसके बाद साइबर अपराध की शिकायत तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करें।
शिकायत करते समय मोबाइल नंबर, ट्रांजेक्शन का समय, राशि, स्क्रीनशाट, काल करने वाले नंबर और प्राप्त लिंक जैसी जानकारी सुरक्षित रखें। जितनी जल्दी शिकायत की जाएगी, रकम को रोकने या वापस कराने की संभावना उतनी ही बढ़ सकती है।