
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। भीषण गर्मी और झुलसाने वाली धूप से बेहाल बिलासपुरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग के अनुसार 11 जून से छत्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियां तेज होने की संभावना है। तेज हवाओं, गरज-चमक और वर्षा के साथ मौसम का मिजाज बदल सकता है। पिछले कई दिनों से 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बने तापमान और उमस भरी रातों से परेशान लोगों को अब मानसून की दस्तक का इंतजार है, जो गर्मी से बड़ी राहत दे सकती है।
मंगलवार को बिलासपुर में सूरज ने सुबह से ही तीखे तेवर दिखाए। अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे दिनभर गर्म हवाओं और चुभती धूप ने लोगों को परेशान किया। रात का तापमान भी 30.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.5 डिग्री अधिक था।
हालात ऐसे रहे कि घरों की दीवारें देर रात तक तपती रहीं और पानी की टंकियों का पानी भी गर्म महसूस हुआ। मौसम विज्ञानियों के अनुसार पिछले 24 घंटों में उत्तरी छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है।
हालांकि प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक, तेज हवाओं और वर्षा की गतिविधियां भी देखने को मिली हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि 11 जून से पूरे राज्य में बादलों की सक्रियता बढ़ेगी और कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ वर्षा हो सकती है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां तेजी से अनुकूल हो रही हैं। अगले तीन से चार दिनों में छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में मानसून प्रवेश कर सकता है।
वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश के आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण और पंजाब से बिहार तक फैले ट्रफ के प्रभाव से प्रदेश में नमी बढ़ रही है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि परिस्थितियां इसी तरह बनी रहीं तो आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट दर्ज होगी और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।
पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में समुद्र तल से लगभग 1.5 किलोमीटर ऊपर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके साथ पंजाब से बिहार तक फैला ट्रफ वातावरण में नमी बढ़ा रहा है। यही सिस्टम छत्तीसगढ़ में बादलों की सक्रियता बढ़ाने के साथ तेज हवाओं, गरज-चमक और वर्षा की परिस्थितियां तैयार कर रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा, झारखंड और बिहार की ओर तेजी से बढ़ रहा है। अगले चार से पांच दिनों के भीतर छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में मानसून के प्रवेश की संभावना जताई गई है, जिससे मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
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42.6 डिग्री सेल्सियस के अधिकतम तापमान और 30.6 डिग्री की गर्म रात ने शहरवासियों की परेशानी बढ़ा दी है। दिनभर सड़कें सूनी रहीं, बाजारों में दोपहर के समय भीड़ कम दिखाई दी। घरों की दीवारें देर रात तक गर्म रहीं और पानी की टंकियों का पानी भी उबलता सा महसूस हुआ। अब लोगों की निगाहें वर्षा पर टिकी हैं।