
बिलासपुर नईदुनिया प्रतिनिधि। लखनऊ के कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग और उसमें 15 बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद आखिरकार बिलासपुर जिला प्रशासन और नगर निगम भी जाग गया है और कोचिंग संस्थान की जांच शुरू कर दी गई है। मालूम हो अब तक छह कोचिंग संस्थान को जांच के दायरे में लिया गया है, जिनमे से एक को सील किया गया है वही अन्य को नोटिस थमाकर सुरक्षा व अन्य प्रकार के व्यवस्था में सुधार करने के समय दिए है।यह भी साफ किया गया है कि शहर के सभी कोचिंग संस्थान को जांच के दायरे में लिया जाएगा। खामी मिली तो कार्रवाई होना तय रहेगा।
बीते मंगलवार को चंद्रा एकेडमी, आचार्य एकेडमी, आक्सीडेशन कोचिंग, पटेल ट्यूटोरियल का भी निरीक्षण किया तथा वहां उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्थाओं, भवन अनुज्ञा, आपातकालीन निकास, अग्निशमन उपकरणों एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की जांच की। जिन संस्थानों में आवश्यक सुधार की आवश्यकता पाई गई, उन्हें निर्धारित समयावधि में कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए।
लखनऊ के कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग और उसमें 15 बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद आखिरकार बिलासपुर जिला प्रशासन और नगर निगम की नींद टूट गई है। शहर में धड़ल्ले से चल रहे और सुरक्षा मानकों को ताक पर रखने वाले कोचिंग संस्थानों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। नगर निगम ने साफ कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निरीक्षण के घेरे में आए संस्थान: जानिए कहां क्या मिली खामी -
चंद्रा एकेडमी
व्यावसायिक उपयोग के अनुरूप भवन अनुज्ञा के दस्तावेजों में विसंगति पाई गई। क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाया जा रहा था, जिससे आपात स्थिति में भगदड़ का खतरा है। आपातकालीन निकास मार्ग संकरा पाया गया, जिसे तत्काल चौड़ा करने के निर्देश दिए गए हैं।
उड़ान आइएस एकेडमी
संस्थान में लगे अग्निशमन उपकरण (फायर एक्स्टिंग्विशर) सही नहीं है, किसी को भी इसे चलाने का प्रशिक्षण नहीं दिया गया है। बेसमेंट और कमरों में हवा व रोशनी के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। तय समय सीमा के भीतर नए उपकरण लगाने और सुरक्षा आडिट रिपोर्ट सौंपने का नोटिस दिया गया व आगामी आदेश तक सील किया गया।
आक्सीडेशन कोचिंग
खुले और लटकते हुए बिजली के तार पाए गए, जिससे शार्ट सर्किट का बड़ा खतरा मंडरा रहा है। संस्थान में आकस्मिक निकास (इमरजेंसी एग्जिट) का कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं मिला। बिजली वायरिंग को अंडरग्राउंड करने और वैकल्पिक मार्ग बनाने तक का अल्टीमेटम दिया गया।
पटेल ट्यूटोरियल
भवन के कमर्शियल यूज और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से जुड़े जरूरी दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं थे। सीढ़ियों और आने-जाने वाले रास्तों पर कबाड़ जमा था, जिससे रास्ता बाधित हो रहा था।तीन दिनों के भीतर सभी वैध दस्तावेज निगम दफ्तर में प्रस्तुत करने की चेतावनी दी गई है।
निगम की दो टूक: हर संस्थान का होगा मुआयना
नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे ने के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई महज औपचारिकता नहीं है। शहर के सभी छोटे-बड़े कोचिंग संस्थानों की सूची बनाकर कार्रवाई करे। आने वाले दिनों में हर एक सेंटर में जांच टीम पहुंचेगी। यदि निर्धारित समय में संस्थानों ने अपनी कमियां दूर नहीं की, तो उन्हें बिना किसी रियायत के सील कर दिया जाएगा।