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बिलासपुर होम लोन में बड़ा घोटाला: किश्त के लाखों रुपये नहीं किए खाते में जमा, मैनेजर और कर्मचारी पर एफआईआर

बिलासपुर में होम फाइनेंस कंपनी के मैनेजर और कर्मचारी द्वारा लोन की किश्त के 4.60 लाख रुपये गबन करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायतकर्ता के दस्...और पढ़ें

By Mohammad Safraj MemonEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Thu, 09 Jul 2026 03:14:38 PM (IST)Updated Date: Thu, 09 Jul 2026 03:14:38 PM (IST)
बिलासपुर होम लोन में बड़ा घोटाला: किश्त के लाखों रुपये नहीं किए खाते में जमा, मैनेजर और कर्मचारी पर एफआईआर
प्रतीकात्मक चित्र

HighLights

  1. बैंक ने बकाया राशि का गलत विवरण देकर ग्राहक की संपत्ति कुर्क करने का दबाव बनाया।
  2. केवल एक ही नहीं, बल्कि अन्य ग्राहकों से भी इसी तरह की धोखाधड़ी।
  3. होम फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। व्यापार विहार स्थित एक होम फाइनेंस कंपनी की शाखा की मैनेजर और एक कर्मचारी के खिलाफ ऋण खाते में जमा की गई ईएमआई और अन्य भुगतान की राशि दर्ज नहीं करने तथा लाखों रुपये के गबन के आरोप में पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

तोरवा थाना क्षेत्र के हेमूनगर निवासी शकील कुरैशी ने धोखाधड़ी की शिकायत की है। उनकी शिकायत पर मेसर्स सेंट बैंक होम फाइनेंस लिमिटेड की शाखा प्रबंधक अपर्णा विश्वास और कर्मचारी नितिन निगम के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2012 में उन्होंने तोरवा स्थित अपनी जमीन को बंधक रखकर 12 लाख रुपये का होम लोन लिया था। इस लोन का भुगतान 180 मासिक किश्तों के माध्यम से किया जाना था और कोरोना महामारी से पहले तक वह नियमित रूप से किश्तें जमा करते रहे।


बैंक द्वारा नौ दिसंबर 2025 को जारी विवरण में बताया गया कि ऋण खाते में 27.58 लाख रुपये जमा किए जा चुके हैं, जबकि शिकायतकर्ता का दावा है कि उन्होंने इससे भी अधिक राशि जमा की है। आरोप है कि कई बार नकद और डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से किए गए भुगतान को जानबूझकर उनके ऋण खाते में दर्ज नहीं किया गया। पीड़ित ने बताया कि 30 मार्च 2019 को 2.75 लाख रुपये नकद, पांच फरवरी 2024 को तीन लाख रुपये डिमांड ड्राफ्ट तथा अन्य भुगतान मिलाकर 7.35 लाख रुपये जमा किए गए थे। इनमें से केवल 2.75 लाख रुपये ऋण खाते में की गई, जबकि शेष 4.60 लाख रुपये खाते में दर्ज नहीं किए गए।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि उक्त राशि का बैंक अधिकारियों ने आपसी मिलीभगत से गबन कर लिया। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि आठ दिसंबर 2025 तक उनके खाते में 15.97 लाख रुपये बकाया दर्शाकर बंधक रखी गई संपत्ति को कुर्क करने की तैयारी की जा रही थी। मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से किए जाने के बाद बैंक खाते और उपलब्ध दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच की गई। पुलिस की जांच में भुगतान की गई राशि में लगभग 4.60 लाख रुपये की अनियमितता सामने आने पर शाखा प्रबंधक अपर्णा विश्वास और कर्मचारी नितिन निगम के खिलाफ धोखाधड़ी भादवि की धारा 420, 34 के तहत जुर्म दर्ज कर मामले को जांच में लिया गया है।

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तारबाहर थाने में भी शिकायत, नहीं हुई कार्रवाई

बैंक मैनेजर और कर्मचारी के खिलाफ तारबाहर थाने में भी शिकायत की गई है। तारबाहर के विनायका हाईट्स में रहने वाले चंद्रिका प्रसाद कुशवाहा ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने बिल्डर राजेश सेठ और सेंट बैंक के अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत की है। इस पर तारबाहर पुलिस की ओर से अब तक कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़ित ने इसकी शिकायत पुलिस मुख्यालय समेत जिले के अधिकारियों से की है।