
Bilaspur News: बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोनी में बन रहे प्रदेश का सबसे बड़ा सिम्स सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल का निर्माण अब अपने अंतिम समय पर आ चुका है। मौजूदा स्थिति में आवश्यक चिकित्सकीय उपकरण लगने का काम भी अंतिम चरण में आ चुका है। सिम्स प्रबंधन से मिली जानकारी के मुताबिक मई माह में अस्पताल पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगा। ऐसे में पहले चरण में अस्पताल की शुरुआत 100 आइसीयू और 244 बेड के साथ किया जाना है।
वैसे तो इस अस्पताल को साल 2022 के नवंबर तक पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन समय पर चिकित्सकीय मशीन नहीं पहुंचने की वजह से काम में रूकावट आ गया था। 12 मंजिला भवन तैयार होने के बाद भी काम रूका हुआ था। ऐसे में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने इसे गंभीरता से लिया और चिकित्सकीय मशीन को मंगवाने में अहम भूमिका निभाई। साल के अंत में तमाम चिकित्सकीय मशीन पहुंची। वहीं अब दो महीने के भीतर लगभग मशीनों को स्थापित किया जा चुका है। अब वार्ड का निर्माण करना बस शेष रह गया है। सिम्स प्रबंधन के मुताबिक इस काम को पूरा करने में ज्यादा से ज्यादा दो से तीन माह का समय लगेगा। इसके बाद यह अस्पताल संचालन के लिए तैयार हो जाएगा और क्षेत्रवासियों के सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल की सुविधा मिलने लगेगी।
सभी प्रकार के कैंसर का होगा इलाज
अस्पताल में किमोथैरेपी, रेडियोथैरेपी के साथ ही सभी तरह के कैंसर का उपचार होगा। कैंसर यूनिट बनने के साथ ही किमोथैरपी व रेडियोथैरेपी की मशीन स्थापित करना शुरू कर दिया गया है। इसके बाद क्षेत्र के कैंसर पीड़ितों को उपचार के लिए दूसरे शहर व राज्य नहीं जाना पड़ेगा। कैंसर हास्पिटल में किमोथेरेपी, रेडियो थैरेपी, आंकोलाजी की चार ब्रांच खोली जाएंगी। यहां अलग-अलग कैंसर से पीड़ितों को भर्ती करके इलाज किया जाएगा।
इन बीमारियों का होगा इलाज
इस अस्पताल में न्यूरो सर्जरी, कार्डियोलाजी, प्लास्टिक सर्जरी, पिडियाट्रिक सर्जरी, न्यूरोलाजी व अन्य इलाज की सुविधा रहेगी। इस अस्पताल के बनने के बाद कम खर्च में अधिक सुविधा मिलेगी। एक ही परिसर में सब कुछ रहेगा।
इन विभागों का होगा संचालन
- हृदय रोग से संबंधित समस्त मेडिसिन व शल्य क्रियाएं (कार्डियोलाजी विभाग व कार्डियो थोरेसिक वैस्कुलर सर्जरी विभाग)
- किडनी रोग से संबंधित समस्त मेडिसिन व शल्य क्रियाएं (नेफ्रोलाजी विभाग व यूरोलाजी विभाग)
- मस्तिष्क रोग से संबंधित मेडिसिन व शल्य क्रियाएं (न्यूरोलाजी विभाग एवं न्यूरोसर्जरी विभाग)