
Bilaspur News: बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। नक्शा के विरूद्ध अतिरिक्त अवैध निर्माण कराने व उसके बाद नियमितीकरण न कराने वालों के ऊपर नगर निगम की गाज गिर रही है। शुक्रवार को ऐसी 18 दुकानों को सील कर दिया गया। इसमें मिट्टी तेल लाइन स्मार्ट रोड स्थित दुकानों के साथ हेमूनगर ओवरब्रिज के पास अन्न्पूर्णा कालोनी में 18 दुकानें सील कर दिया गया है।
राज्य शासन द्वारा अनाधिकृत रूप से निर्माण हुए भवनों व नागरिकों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से भवन नियमितीकरण योजना लाया गया है। जिसके तहत बिलासपुर शहर में स्थित अनाधिकृत एवं अवैध निर्माण को नियमितीकरण के लिए शहर के अनियमित भवन मालिकों से निगम द्वारा लगातार अपील की जा रही है। नगर निगम आयुक्त कुणाल दुदावत खुद ही कह रहे है कि यदि कार्रवाई से बचना है तो समय रहते नियमितीकरण के प्रकरण को हल करा लें। इसी को लेकर ऐसे लोगों को नोटिस देकर नियमितीकरण कराने को कहा जा रहा है, लेकिन इसके बाद भी लोग नहीं सुन रहे हैं। वहीं अब निगम आयुक्त के निर्देश पर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए बाध्य होना पड़ गया है। उनके निर्देश के बाद लगातार कार्रवाई करते हुए दुकानों को सील किया जा रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को जोन क्रमांक तीन के अंतर्गत स्मार्ट सिटी रोड में संचालित होने वाले पंजाब मिल्क और सुमीत डेली निड्स को सील करने की कार्रवाई की गई है। इसी तरह जोन क्रमांक छह के अंतर्गत हेमूनगर के अन्न्पूर्णा विहार कालोनी के पास स्थित ओवरब्रिज के नीचे बने 18 दुकानों को सील करने की कार्रवाई की गई है।
नगर निगम आयुक्त के निर्देश के बाद आने वाले दिनों में शहर के ऐसे सभी अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जिनका निर्माण अवैध है और उनके द्वारा नियमितीकरण के लिए आवेदन नहीं किया गया है। इसके लिए निगम आयुक्त ने सभी जोन कमिश्नर, अभियंताओं और राजस्व निरीक्षक को अवैध एवं अनाधिकृत निर्माण का निरीक्षण कर नियमितीकरण के लिए अपील करने और नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
शहर में नक्शे के विपरीत अतिरिक्त निर्माण धड़ल्ले से हो रहा है। निर्माण के बाद इनका नियमितीकरण कराने पर भी कोई रूचि नहीं ले रहे है। ऐसे में अब तक निगम ने 15 हजार लोगों को नोटिस जारी की जा चुका है। वहीं अब नया सूची निगम को मिल चुका है, ऐसे में इन्हें भी लगातार नोटिस जारी किया जा रहा है। निर्देश का पालन न करने की दशा में इसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।