
राधाकिशन शर्मा, बिलासपुर। Bilaspur News: कोरोना संक्रमण की वजह से दवा व्यवसाय उफान पर है। पहली लहर की तुलना में दवाओं की मांग दोगुना हो जाने के कारण आपूर्ति कठिन हो गई है। प्रदेश में प्रतिमाह 250 करोड़ रुपये से अधिक का दवा कारोबार हो रहा है। विटामिन बी, विटामिन सी, विटामिन डी, जिंक और मल्टीसिरप की मांग काफी ज्यादा है।
दवा व्यवसायियों की मानें तो गर्मी के मौसम में व्यापार सामान्य रूप से चलता है। बारिश के मौसम में संक्रामक बीमारियां फैलती हैं। इसी समय व्यापार जोर पकड़ता है, जो ठंड के मौसम तक चलता है। लेकिन इस बार गर्मी के मौसम में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर चल रही है। इससे कोरोना से संबंधित दवाओं की मांग इतनी ज्यादा है कि आपूर्ति करना मुश्किल हो रहा है।
छत्तीसगढ़ के प्रमुख दवा कारोबारी राजेंद्र अग्रवाल राजू ने बताया कि पिछले कुछ महीने से प्रति माह 250 करोड़ का व्यापार हो रहा है। पहली लहर में विटामिन सी की मांग 80 फीसद थी। इस बार 100 से 120 फीसद पहंुच गई है। जिंक की मांग बीते लहर की तुलना में 100 प्रतिशत ज्यादा है। विटामिन डी की मांग 125 से 130 फीसद ज्यादा है। इसी प्रकार च्यवनप्राश व मल्टी विटामिन की गोलियां पहली लहर की तुलना में 120 प्रतिशत ज्यादा हैं।
पैरासिटामाल की किल्लत
संक्रमित के इलाज में काम आने वाली दवाओं मंे सबसे ज्यादा पैरासिटामाल की बिक्री हो रही है। मांग इतनी ज्यादा है कि थोक व्यापारी आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। इसके अलावा विटामिन बी काम्पलेक्स व कफ सिरफ की मांग भी ज्यादा है। पहली लहर की तुलना में तीनों दवाओं की मांग में आश्चर्यजनक रूप से काफी तेजी आई है। ओआरएस लिक्विड की भी काफी बिक्री हो रही है। पहली लहर में इसका व्यवसाय 55 फीसद था। इस बार 100 प्रतिशत से ज्यादा पहुंच गया है।