बिलासपुर। Bilaspur Railway News: मांगों को मनवाने ट्रेन चालकों ने विरोध का नया रास्ता अपनाया है। मंगलवार की सुबह आठ बजे चालक उपवास रहकर ड्यूटी कर रहे हैं। इतना ही नहीं बिलासपुर से लेकर मंडल के सभी लाबी के सामने पंडाल लगाकर प्रदर्शन भी कर रहे हैं। नारेबाजी करते हुए उन्होंने कहा कि यदि मांग नहीं मानी गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इसकी रणनीति अभी से तैयार कर ली गई है। आल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन के केंद्रीय कार्यकारिणी के आह्वान पर आयोजित इस धरना- प्रदर्शन के दौरान चालकों ने यह कहा कि सार्वजनिक संस्थाएं राष्ट्र की धरोहर है।

रेलव सहित विभिन्न् सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण देश व कर्मचारियों के हित में नहीं है। नई पेंशन योजना पूरी तरह से शेयर मार्केट के अधीन है। इससे कर्मचारियों का बुढ़ापा अंधरकारमय हो जाएगा। रात्रिकालीन भत्ते में मनमाने ढंग से सीलिंग लगा दिया गया है। इसे हर हाल में वापस लेना होगा। अधिकारियों द्वारा संरक्षा नियमों की अवहेलना कर ट्रेनों का परिचालन दुर्घटना का कारण बन सकती है। मूलभूत संरचना एंव सुविधाओं को विकसित किए बिना नई - नई जगहों पर लाबियों की स्थापना किया जा रहा है, जो पूरी तरह गलत और कर्मचारियों के साथ अन्याय है।

जिसका प्रभाव कर्मचारियों के पारिवारिक जीवन पर पड़ रहा है। कोरबा बेस की साइडिंग के माइलेज अनियमितताओं को दूर करने की प्रक्रिया दो वर्षों से लंबित है। इस दौरान उनका कहना था कि यदि रनिंग कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया रनिंग कर्मचारी सामूहिक हड़ताल पर चले जाएंगे। यह प्रदर्शन बिलासपुर के अलावा रायगढ़, कोरबा, शहडोल, बिजुरी, सूरजपुर, ब्रजराजनगर एंव खरसिया स्टेशन में सामने भी किया गया।

ये हैं प्रमुख मांगें

- नई पेंशन योजना रद करना।

- रात्रिकालीन भत्ता से सीमा हटाना ।

- संरक्षा नियमों के विरुद्ध ट्रेनों का परिचालन बंद करना।

- बिना आधारभूत संरचना के खोंगसरा में लाबी की स्थापना करने का आदेश रद करना।

Posted By: Yogeshwar Sharma

NaiDunia Local
NaiDunia Local