बिलासपुर। Bilaspur Railway News: एसी कोच के यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। कोरोना संक्रमण के कारण कोच की खिड़कियों से कपड़े के हटे पर्दे की जगह रेलवे रोलर ब्लाइंड ( सिंथेटिक पर्दे) लगा रही है। प्रयोग के तौर पर एक रायगढ़-गोंदिया जनशताब्दी एक्सप्रेस में सभी एसी कोच में ये लगाए गए हैं।

रेलवे की ओर से संक्रमण रोकने के लिए ट्रेनों में कुछ सुविधाएं हटा दिन गई हैं। इनमें बेडरोल के अलावा पर्दे भी शामिल हैं खिड़कियों से यह सुविधा हटने के बाद यात्रियों को असुविधा हो रही थी। अभी तक ट्रेनें इसी स्थिति में चल रही थीं। खिड़कियों से परदे हटाने के कारण यात्रियों को परेशानी हुई।

रात में कोच की लाइट बंद करने के बावजूद दो तीन मिनट पर कोच में रोशनी खूब आती थी। इसकी शिकायत रेलवे बोर्ड स्तर पर की गई, जिसे देखते हुए बोर्ड ने अब परदे के स्थान पर रोलर ब्लाइंड लगाने का आदेश जारी कर दिया है। पर अब वैकल्पिक उपाय निकाला गया है। खिड़कियों में कपड़े के परदे के स्थान पर रोलर ब्लाइंड लगाने का काम किया जा रहा है। इसकी शुरुआत रायगढ़ से गोंदिया के बीच चलने वाली जनशताब्दी में की गई है।

यह है रोलर ब्लाइंड

रोलर ब्लाइंड फैब्रिक का सिंगल पीस होता है। इसे इस तरह लगाया जाता है कि यह उपयोग नहीं होने पर सिमट जाए और खिड़की के ऊपर बने चैंबर में अंदर चला जाए। अब बोर्ड ने इस तरह के रोलर ब्लाइंड को एसी कोच की सभी खिड़की पर लगाने की योजना बनाई है।

यात्रियों की सुविधा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यात्रियों की सुखद यात्रा अनुभूति के लिए गोंदिया से रायगढ़ के बीच चलने वाली जनशताब्दी के वातानुकूलित कोच में रोलर ब्लाइंडर्स का प्रयोग किया गया है।

साकेत रंजन

सीपीआरओ, एसईसीआर

Posted By: Yogeshwar Sharma

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