यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 20, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बिलासपुर रेलवे जोन को वंदे भारत ट्रेन की मिली दो रैक, 55 करोड़ में बनेगा कोचिंग डिपो
पुराने डिपो व गुड्स शेड के बीच की जगह पर होगा निर्माण
By Yogeshwar SharmaEdited By: Yogeshwar Sharma
Publish Date: Wed, 20 Jul 2022 11:01:52 AM (IST)Updated Date: Wed, 20 Jul 2022 11:01:52 AM (IST)

बिलासपुर। यात्री अब वंदे भारत ट्रेन में सफर कर सकेंगे। परिचालन के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन को दो रैक मिलेगी। इसकी स्वीकृति हो चुकी है। साथ ही ट्रेन की सफाई व अन्य मरम्मत कार्य के लिए 55 करोड़ की लागत से नए कोचिंग डिपो का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए भी बजट मिल चुका है। इसे देखते हुए ही जोन व मंडल के अफसरों ने सर्वे कर डिपो के लिए जगह भी चिंहित कर लिया है। यह गुड्स शेड व पुराने कोचिंग डिपो के बीच की खाली जगह पर बनेगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस इस ट्रेन की जोन को सौगात मिलने अब तक केवल संकेत मिल रहे थे। अब तय हो गया है। नए कोचिंग डिपो के लिए 55 करोड़ रुपये स्वीकृत होने के बाद सोमवार को योजना, कंस्ट्रक्शन, आपरेटिंग व मैकेनिकल विभाग के मंडल व जोन के अधिकारियों की टीम सर्वे करने के लिए कोचिंग डिपो के करीब पहुंची थी। सर्वे के दौरान सभी ने डिपो व गुड्स शेड के बीच की जगह पर सहमति जताई। दरअसल यहां पुराना कोचिंग डिपो भी है और अन्य सुविधाएं भी हैं। सबसे महत्वपूर्ण जगह है, जिसे लेकर कोई भी दिक्कत नहीं है।
सर्वे के दौरान इस बात को लेकर चर्चा हुई कि वाशिंग लाइन, स्टेबल व सीक लाइन किस हिस्से में बनेगी। इसके लिए कितनी जगह की आवश्यकता पड़ेगी, इसकी भी नापजोख की गई। चूंकि यह शुरुआती दौर में हैं, इसलिए रेल प्रशासन द्वारा इसकी विस्तृत जानकारी नहीं दी जा रही है। पर एक रेल अफसर ने बताया कि ट्रेन का परिचालन शुरू होने से पहले रखरखाव करने कोचिंग डिपो की आवश्यकता पड़ेगी। इसलिए सबसे पहले डिपो निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। इसी के तहत सर्वे किया गया।
इससे पहले भी अधिकारियों की एक टीम कोचिंग डिपो के पास की इस जगह का जायजा ले चुकी है। मालूम हो कि बिना लोकोमोटिव इंजन के ट्रैक पर दौड़ने वाली इस ट्रेन की मरम्मत पुराने कोचिंग डिपो में मुश्किल है। इसलिए अलग से डिपो तैयार किया जाएगा। इसके परिचालन से उद्देश्य के मुताबिक रेल सेवा बेहतर होगी।
एक रैक बिलासपुर व दूसरे नागपुर को मिलेगी
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को दो रैक मिलेगी। इसकी स्वीकृति हो चुकी है। इनमें से एक रैक बिलासपुर व नागपुर रेल मंडल के गोंदिया को दी जाएगी। हालांकि रैक पहुंचने में काफी समय लगेगा। पर सर्वे व रैक की स्वीकृति से यात्रियों की उम्मीदें बढ़ गई है और यह आस लगाई जा रही है कि रेलवे अन्य कार्यों की तरह वंदे भारत ट्रेन के कोचिंग डिपो का निर्माण भी तेजी से कराएगी।
रेलमार्ग निर्धारण का इंतजार
कोचिंग डिपो के बजट, दो रैक मिलने के बाद अब रेलमार्ग को लेकर इंतजार है। यह तो तय हो गया है कि एक वंदे भारत ट्रेन बिलासपुर से ही रवाना होगी। ट्रेन जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली से लैस है। इसके अलावा ट्रेन की सीटें आरामदायक, आटोमेटिक स्लाइडिंग डोर और सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी कैमरे लगे रहेंगे।