
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। सरकंडा के चटर्जी गली में रहने वाले रिटायर्ड निरीक्षक सीताराम गुप्ता की फांसी पर लटकी लाश मिली है। घटना के दौरान परिवार के सदस्य दूसरे कमरों में थे। स्वजन ने घटना की जानकारी पुलिस को दी है। देर रात पंचनामा के बाद शव चीरघर भेज दिया गया है। पुलिस घटना के कारणों की जांच कर रही है।
सरकंडा टीआइ प्रदीप आर्य ने बताया कि चटर्जी गली में रहने वाले सीताराम गुप्ता पुलिस विभाग के रिटायर्ड इंस्पेक्टर थे। मंगलवार की शाम वे घर पर ही थी। शाम करीब पांच बजे वे अपने कमरे की ओर गए। कुछ देर बाद जब स्वजन उनके कमरे की ओर गए तो रिटायर्ड इंस्पेक्टर की लाश फांसी के फंदे पर लटक रही थी।
स्वजन ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने घटना की सूचना पुलिस को दी। इस पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा कराया। पंचनामा के बाद शव को चीरघर भेज दिया गया है। पुलिस ने स्वजन से पूछताछ की है। इसमें घटना का कारण स्पष्ट नहीं है। आगे की जांच में घटना का कारण स्पष्ट होगा।
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नगर निगम के इंजीनियर ने पहले काटी हाथ की कलाई, फिर फांसी लगाकर दी जान
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। सिविल लाइन क्षेत्र के महाराणा प्रताप चौक के पास स्थित निगम कालोनी में रहने वाले नगर निगम के सब इंजीनियर अमर सिंह चौहान की फांसी पर लटकी लाश मिली है। उनके हाथ की कलाई पर भी कट लगा है। घटना की जानकारी मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उन्होंने खुद के परेशान होने का उल्लेख किया है। हालांकि उन्होंने किस वजह से यह कदम उठाया, इसका स्पष्ट उल्लेख अभी सामने नहीं आया है।सिविल लाइन टीआइ किशोर केंवट ने बताया कि बुधवार सुबह देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो स्वजन और आसपास के लोगों को संदेह हुआ। दरवाजा खोलकर देखा गया तो अमर सिंह चौहान का शव कमरे में फंदे से लटका मिला।
घटना की सूचना तत्काल सिविल लाइन पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि फांसी लगाने से पहले उन्होंने अपने हाथ की कलाई भी काटी थी। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि अमर सिंह चौहान नगर निगम में सब इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। हाल ही में उनका तबादला जगदलपुर किया गया था। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या स्थानांतरण या कोई अन्य व्यक्तिगत अथवा पारिवारिक कारण उनकी मानसिक परेशानी की वजह था।

इंजीनियर अमर सिंह की फाइल फोटो
फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सिविल लाइन थाना प्रभारी किशोर केंवट ने बताया कि घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। प्रारंभिक रूप से उसमें केवल परेशान होने का जिक्र मिला है। नोट का परीक्षण किया जा रहा है और उसकी लिखावट का भी सत्यापन कराया जाएगा। फिलहाल आत्महत्या के कारणों के संबंध में कुछ भी स्पष्ट कहना जल्दबाजी होगी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सुसाइड नोट की जांच के साथ ही परिजनों एवं परिचितों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की विस्तृत जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है।
भिलाई से हुआ था बिलासपुर में ट्रांसफर, फिर भेजा गया जगदलपुरइंजीनियर अमर सिंह चौहान पहले भिलाई में पोस्टेड थे। इसके बाद उनका ट्रांसफर बिलासपुर कर दिया गया। यहां से उन्होंने अपना ट्रांसफर जगदलपुर करा लिया था। वे मूल रूप से जगदलपुर के रहने वाले थे। उनका परिवार जगदलपुर में ही रह रहा है। वे जगदलपुर जाने की तैयारी में जुटे थे। इसी बीच उन्होंने फांसी लगाकर जान दे दी। अब पुलिस घटना के कारणों की जांच कर रही है।
सुसाइड नोट में लिखा मुझे माफ कर देना
इंजीनियर के कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें उन्होंने परेशान होने की बात लिखी है। हालांकि उन्होंने परेशानी के कारणों का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया है। उन्होंने सुसाइड नोट में परिवार वालों से माफी मांगी है। इधर स्वजन से पूछताछ में पता चला है कि इंजीनियर बीते कुछ महीनों से शराब सेवन कर रहे थे। अब पुलिस इंजीनियर के आफिस और जान पहचान वालों का बयान लेकर घटना के संबंध में जानकारी जुटा रही है।