बिलासपुर में CA के छात्र को जालसाजों ने बनाया शिकार, शेयर ट्रेडिंग के नाम पर आठ लाख की ठगी
जालसाजों ने खुद को सेबी रजिस्टर्ड बताकर प्लेटिनम प्लान के तहत ट्रेडिंग सर्विस देने का झांसा दिया और 14 बार में कुल 8 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए।
Publish Date: Thu, 29 Oct 2026 11:11:26 PM (IST)Updated Date: Thu, 29 Oct 2026 11:11:26 PM (IST)
प्रतीकात्मक चित्र (एआइ निर्मित)HighLights
- सेबी रजिस्टर्ड ट्रेडिंग सर्विस देने का झांसा देकर ठगी।
- प्लेटिनम प्लान के नाम पर 14 बार में 8 लाख ट्रांसफर।
- तोरवा पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की जांच।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी का एक और मामला सामने आया है। तोरवा क्षेत्र के देवरीखुर्द निवासी सीए फाइनल के विद्यार्थी और ट्रेडिंग का काम करने वाले वुंगराला राव (26) से जालसाजों ने आठ लाख रुपये ठग लिए। आरोपितों ने खुद को सेबी रजिस्टर्ड बताते हुए प्लेटिनम प्लान के तहत ट्रेडिंग सर्विस उपलब्ध कराने का झांसा दिया। रकम मिलने के बाद न तो उन्हें कोई सेवा दी गई और न ही रुपये वापस किए गए।
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। तोरवा के देवरीखुर्द में रहने वाले वुंगराला राव ने पुलिस को बताया कि 21 सितंबर को उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से काल आया। फोन करने वाले ने खुद को सेबी रजिस्टर्ड बताते हुए अपनी कंपनी के माध्यम से ट्रेडिंग सर्विस उपलब्ध कराने की बात कही।
काल करने वाले ने कंपनी में सिल्वर, गोल्ड और प्लेटिनम प्लान होने की जानकारी दी। प्लेटिनम प्लान के लिए आठ लाख रुपये जमा करने को कहा गया। उनकी बातों में आकर राव ने 22 सितंबर को बताए गए मोबाइल नंबर पर आनलाइन 25 हजार रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद 22 सितंबर से 20 अक्टूबर के बीच उनसे 14 बार में आठ लाख रुपये जमा कराए गए।
तोरवा थाने में जुर्म दर्ज, पुलिस कर रही तलाश
रकम ट्रांसफर करने के बाद भी उन्हें वादे के मुताबिक ट्रेडिंग सर्विस नहीं मिली। काफी समय तक सेवा उपलब्ध नहीं कराने पर पीड़ित ने संबंधित मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया और रकम वापस मांगी। हालांकि, सामने से रुपये लौटाने से मना कर दिया गया। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत तोरवा थाने में की है। इस पर पुलिस ने जुर्म दर्ज कर मामले को जांच में लिया है।
क्या हुआ था समझें — काल आना, प्लान बताना, रकम ट्रांसफर और शिकायत
अनजान कॉल: 21 सितंबर को पीड़ित के पास कॉल आया, जिसमें खुद को सेबी रजिस्टर्ड कंपनी का प्रतिनिधि बताया गया।
प्लेटिनम प्लान का झांसा: सिल्वर, गोल्ड और प्लेटिनम प्लान समझाकर 8 लाख रुपये जमा करने का दबाव बनाया गया।
रकम ऐंठना: 22 सितंबर से 20 अक्टूबर के बीच 14 बार में कुल 8 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए।
धोखाधड़ी का खुलासा: सर्विस न मिलने और पैसे मांगने पर जब ठगों ने इनकार किया, तो तोरवा थाने में मामला दर्ज कराया गया।