CG के 15 हजार शिक्षकों के प्रमोशन का रास्ता साफ, शिक्षा विभाग ने जारी की वरिष्ठता सूची
बिलासपुर में 15 हजार शिक्षकों की पदोन्नति हेतु वरिष्ठता सूची जारी हुई है। 25 अक्टूबर तक आपत्तियां मांगी गई हैं। दस्तावेजों में गड़बड़ी मिलने पर प्राचार्यों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
Publish Date: Sun, 25 Oct 2026 01:54:50 PM (IST)Updated Date: Sun, 25 Oct 2026 01:54:50 PM (IST)
CG के 15 हजार शिक्षकों के प्रमोशन का रास्ता साफ। (एआई जनरेटेड)HighLights
- 15 हजार शिक्षकों के लिए पदोन्नति की राह खुली।
- शिक्षा विभाग ने जारी की शिक्षकों की वरिष्ठता सूची।
- 25 अक्टूबर तक मांगी गई हैं दावा-आपत्तियां।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: शिक्षा संभाग के करीब 15 हजार शिक्षकों के लिए पदोन्नति की राह खुली है। संयुक्त संचालक कार्यालय ने ई संवर्ग की 1 अप्रैल की स्थिति के अनुसार वरिष्ठता सूची जारी की है। जिला शिक्षा अधिकारी ने संभाग के सभी बीईओ और प्राचार्यों को 25 अक्टूबर तक दावा-आपत्तियां मंगाने के निर्देश दिए हैं।
पदोन्नति प्रक्रिया हुई तेज, आपत्तियों का निराकरण 26 तक
- सूची जारी होने से वर्षों से एक ही पद पर अटके प्रशिक्षित स्नातक, स्नातकोत्तर उच्च वर्ग शिक्षक और प्रधान पाठकों की पदोन्नति प्रक्रिया तेज हुई है। सूची में सहायक शिक्षक एलबी, नियमित संवर्ग और शिक्षक संवर्ग के नाम शामिल हैं। संभागीय कार्यालय ने 26 अक्टूबर तक आपत्तियों का निराकरण कर अंतिम वरिष्ठता सूची भेजने के निर्देश दिए हैं। संकुल प्रभारियों और प्राचार्यों को सूची नोटिस बोर्ड पर चस्पा करने को कहा गया है।
वरिष्ठता सूचियों में गंभीर विसंगतियां सामने आती रही हैं। मृत या सेवानिवृत्त कर्मचारियों के नाम शामिल होने से पदोन्नति प्रक्रिया न्यायालयीन विवादों में फंसती थी। निर्देश है कि आपत्ति के साथ सेवा पुस्तिका और नियुक्ति आदेश की प्रमाणित छायाप्रति लगाना अनिवार्य होगा। संस्था प्रमुख अभिलेखों का मिलान करेंगे। त्रुटिरहित जानकारी विशेष वाहक से जिला कार्यालय की स्थापना शाखा को भेजी जाएगी, ताकि पात्र शिक्षकों को समय पर उच्च पद का लाभ मिले। मेरिट क्रम पर फंसा पेंच, दर्ज करना अनिवार्य
सीधी भर्ती वाले शिक्षकों की वरिष्ठता तय करने में विवाद होता है। इसके लिए 2019 से 2022 के बीच नियुक्त शिक्षकों का व्यापम का मेरिट क्रम सूची में दर्ज करना अनिवार्य है। पारस्परिक या स्वैच्छिक स्थानांतरण कराने वाले शिक्षकों की वरिष्ठता नए सिरे से कनिष्ठ स्तर पर आंकी जाएगी।