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NEET UG 2026 रिजल्ट में कम अंक मिलने पर CG हाईकोर्ट में चुनौती, OMR से छेड़छाड़ का आरोप; छात्रा की याचिका पर NTA से मांगा जवाब

नीट यूजी 2026 के परिणाम को लेकर दायर याचिका पर हाई कोर्ट ने एनटीए से विस्तृत जवाब मांगा है।

By Kamlesh RajakEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Sat, 03 Oct 2026 09:09:22 AM (IST)Updated Date: Sat, 03 Oct 2026 10:16:06 AM (IST)
NEET UG 2026 रिजल्ट में कम अंक मिलने पर CG हाईकोर्ट में चुनौती, OMR से छेड़छाड़ का आरोप; छात्रा की याचिका पर NTA से मांगा जवाब
नीट यूजी 2026 परिणाम पर CG हाई कोर्ट ने एनटीए से मांगा जवाब (AI Generated Image)

HighLights

  1. एनटीए ने कहा, ढाई महीने देरी से आईं याचिकाकर्ता
  2. आर्यन अग्रवाल मामले के फैसले का दिया हवाला
  3. NTA को दो हफ्ते में जवाब दाखिल करने का निर्देश

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। नीट यूजी 2026 के परिणाम को लेकर दायर याचिका पर हाई कोर्ट ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) से विस्तृत जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश कृष्न राम महापात्र और जस्टिस संतोष शर्मा की युगलपीठ के समक्ष एनटीए ने याचिकाकर्ता से संबंधित दस्तावेज और अंकपत्र प्रस्तुत किए। प्रथम दृष्टया अंकपत्र के अनुसार याचिकाकर्ता बी. सहिति को 318 अंक प्राप्त हुए हैं।

एनटीए ने कोर्ट को बताया कि नीट यूजी 2026 का परिणाम 16 जुलाई 2026 को घोषित किया गया था और इसकी सूचना 17 जुलाई को ईमेल के माध्यम से दी गई थी। एजेंसी का कहना है कि याचिकाकर्ता करीब ढाई महीने की देरी से हाई कोर्ट पहुंची हैं।


आर्यन अग्रवाल मामले के फैसले का दिया हवाला

एनटीए ने अपनी दलील में इसी तरह की शिकायत वाले एक अन्य मामले में हाई कोर्ट के 30 जुलाई 2026 के आदेश का हवाला दिया। यह मामला भिलाई निवासी 17 वर्षीय आर्यन अग्रवाल से जुड़ा था। आर्यन ने नीट की मूल ओएमआर उत्तर पुस्तिका उपलब्ध कराने और सही अंक देने की मांग को लेकर याचिका दायर की थी।

आर्यन का दावा था कि उसकी प्रश्न पुस्तिका में भरे गए उत्तर और एनटीए द्वारा जारी स्कैन की गई ओएमआर शीट में दर्ज उत्तरों में अंतर है। उसने ओएमआर में छेड़छाड़ की आशंका जताते हुए मूल उत्तर पुस्तिका उपलब्ध कराने की मांग की थी।

केवल आशंका के आधार पर छेड़छाड़ साबित नहीं - कोर्ट

उस मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कहा था कि सिर्फ आशंका और खुद से तैयार किए गए तुलनात्मक विवरण के आधार पर ओएमआर में छेड़छाड़ का आरोप सिद्ध नहीं होता। साथ ही छात्र ने परीक्षा से संबंधित शिकायत के लिए उपलब्ध निर्धारित शिकायत निवारण प्रक्रिया का भी इस्तेमाल नहीं किया था। इन आधारों पर कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया था।

वर्तमान मामले में अंतिम फैसला नहीं

एनटीए ने वर्तमान मामले को भी समान प्रकृति का बताते हुए उक्त आदेश को कोर्ट में पेश किया है। हालांकि बी. सहिति की याचिका पर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। एनटीए ने विस्तृत प्रतिशपथपत्र दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। कोर्ट ने जवाब की कॉपी याचिकाकर्ता के अधिवक्ता को देने और मामले को दो सप्ताह बाद फिर से सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है।