
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। शनिवार को मौसम का मिजाज मिला-जुला रहा। दोपहर में तिफरा क्षेत्र में हल्की वर्षा हुई, जबकि शहर के अन्य हिस्सों में कहीं-कहीं बूंदाबांदी दर्ज की गई। आसमान में बादल छाए रहने के बावजूद तापमान में खास गिरावट नहीं आई और पारा 34 डिग्री तक पहुंच गया। रात का तापमान 25.3 डिग्री दर्ज किया गया। कोटा क्षेत्र समेत कुछ अन्य तहसीलों में भी मेघ बरसे, हालांकि ओवरआल स्थिति सामान्य रही।
मौसम के मौजूदा बदलाव को आगामी दिनों में बनने वाली मौसमी परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 19 सितंबर को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से विदाई शुरू कर दी है।
अगले तीन-चार दिनों में राजस्थान के कुछ और भाग, पंजाब के कुछ भाग, सौराष्ट्र और कच्छ से भी मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनने की संभावना है। इधर, उत्तर अंडमान सागर और उसके आसपास ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। यह परिसंचरण 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक विस्तारित है।
इसके प्रभाव से निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए अधिक प्रबल होने तथा 21 सितंबर को पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी में अवदाब के रूप में पहुंचने के संकेत हैं। अगले चरण में 22 सितंबर को इसके गहरे अवदाब में परिवर्तित होने की संभावना जताई गई है। इसके बाद सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है।
23 सितंबर को इसके पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी तथा उससे लगे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, दक्षिण तटीय ओडिशा और उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के पास पहुंचने की संभावना है। प्रदेश में 23 सितंबर से वर्षा गतिविधि बढ़ने के संकेत हैं।
मानसून की वापसी का दौर शुरू होने के साथ ही बिलासपुर में मौसम का मिजाज इस सप्ताह बदलने के संकेत हैं। शुरुआती चरण में कहीं हल्की से मध्यम वर्षा तो कहीं गरज-चमक के साथ छींटे पड़ सकते हैं। सप्ताह के दूसरे चरण में बंगाल की खाड़ी में विकसित होने वाले निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से वर्षा गतिविधियों में बढ़ोतरी की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर अंधड़ और वज्रपात की स्थिति भी बन सकती है।
मौसम का पहला चरण अपेक्षाकृत मिला-जुला रहने की संभावना है। आसमान में बादलों की आवाजाही के बीच स्थानीय स्तर पर वर्षा हो सकती है। इसके बाद सप्ताहांत की ओर खाड़ी में बनने वाला सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा।
इसके प्रभाव से बिलासपुर समेत प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। द्वितीय चरण में वर्षा की गतिविधि बढ़ने के साथ गरज-चमक की संभावना भी रहेगी। सप्ताहांत के बाद मौसम अधिक सक्रिय रहने के संकेत हैं।
बिलासपुर में बादलों की मौजूदगी के बावजूद तापमान में अपेक्षित गिरावट नहीं आई। दिन का पारा 34 डिग्री तक पहुंचना बताता है कि बादल छाने भर से गर्मी का असर कम नहीं हुआ। रात का तापमान भी 25.3 डिग्री दर्ज किया गया। दिन और रात के तापमान में अंतर बने रहने से अभी उमस का असर महसूस हो सकता है। मौसम के बदलते स्वरूप में तापमान का यह उतार-चढ़ाव महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
प्रदेश में शुरुआती दौर में मौसम पूरी तरह शांत रहने के संकेत नहीं हैं। कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ अंधड़ चलने तथा वज्रपात की संभावना भी जताई गई है। ऐसे में खुले स्थानों पर सावधानी जरूरी होगी। विशेषकर आकाशीय गतिविधि के दौरान पेड़, बिजली के खंभे और खुले मैदानों से दूरी बनाए रखना सुरक्षित विकल्प होगा।
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