• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • बिलासपुर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 13, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

19 साल पुराने दुष्कर्म के मामले में Chhattisgarh HC आरोपी को किया बरी, जानिए पूरा मामला

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने पोलियो ग्रस्त पीड़िता से दुष्कर्म के एक मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी को बरी कर दिया है। मामला 2005 का है, जिसमें सत्र न्याया...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Roman Tiwari
Publish Date: Sat, 13 Sep 2025 11:26:44 AM (IST)Updated Date: Sat, 13 Sep 2025 11:27:56 AM (IST)
19 साल पुराने दुष्कर्म के मामले में Chhattisgarh HC आरोपी को किया बरी, जानिए पूरा मामला
दुष्कर्म के आरोपी को हाई कोर्ट ने किया बरी

HighLights

  1. 19 साल पुराने दुष्कर्म के मामले में आरोपी हाई कोर्ट से बरी
  2. हाई कोर्ट ने कहा- पीड़िता की गवाही में गंभीर विरोधाभास
  3. संदेह का लाभ आरोपित को मिलना चाहिए, किया गया बरी

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: हाई कोर्ट ने महासमुंद जिले के एक युवक 2005 में दर्ज दुष्कर्म और धमकी के मामले में सुनाई गई सजा से बरी कर दिया। न्यायमूर्ति सचिन सिंह राजपूत की एकलपीठ ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपित करिया उर्फ मालसिंह बिंझवार की दोष सिद्धि को संदेह से परे सिद्ध नहीं कर सका, इसलिए उसे संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया जाता है।

कोर्ट ने पाया कि पीड़िता की गवाही में गंभीर विरोधाभास हैं। एफआइआर में कई बार दुष्कर्म का आरोप थे, जबकि अदालत में केवल एक घटना का उल्लेख है। मेडिकल रिपोर्ट में न तो गर्भपात के निशान मिले और न ही ऐसा प्रमाण कि गर्भधारण कथित कृत्य का परिणाम था। घटना की रिपोर्ट सात महीने देर से दर्ज हुई और इसका कोई संतोषजनक कारण नहीं दिया गया। साथ ही, आरोपी और पीड़िता के पिता के बीच पुरानी दुश्मनी भी सामने आई इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने कहा कि संदेह का लाभ आरोपित को मिलना चाहिए और उसे सभी आरोपों से मुक्त किया जाता है।


ये है पूरा मामला

महासमुंद जिले के बसना थाना क्षेत्र की 18 वर्षीय युवती, जो पोलियो पीड़ित है, अपने घर में अकेली थी। जनवरी 2005 से लगभग छह महीने पहले करिया उर्फ मालसिंह बिंझवार उसके घर में घुसा और उसके साथ दुष्कर्म किया और धमकाया कि किसी को बताने पर जान से मार देगा। युवती ने आरोप लगाया कि इसके बाद जब भी वह अकेली होती, आरोपी बार-बार जबरन यौन शोषण करता रहा, जिससे वह गर्भवती हो गई। घटना के लगभग सात महीने बाद 10 जनवरी 2005 को पीड़िता ने अपने पिता को जानकारी दी और फिर लिखित शिकायत पुलिस स्टेशन बसना में दर्ज कराई।

यह भी पढ़ें- MP High Court: ईडब्ल्यूएस को सामान्य की जगह कुल सीटों का 10 प्रतिशत आरक्षण देने को चुनौती

ट्रायल कोर्ट ने यह दिया था निर्णय

इस मामले में प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश महासमुंद ने नौ सितंबर 2005 को आरोपी युवक करिया को 7 साल सश्रम कारावास और आपराधिक धमकी देने के लिए तीन साल सजा सुनाई थी। जिसके खिलाफ आरोपी ने हाई कोर्ट में