हाई कोर्ट ने पूछा-शराब की प्लास्टिक पैकिंग सेहत के लिए सुरक्षित है या नहीं
छत्तीसगढ़ सरकार की नई आबकारी नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने फिलहाल इस पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया है।
Publish Date: Thu, 02 Apr 2026 12:54:51 PM (IST)Updated Date: Thu, 02 Apr 2026 12:56:32 PM (IST)
HighLights
- दो सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश
- आबकारी नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई
- फिलहाल नीति को वैध मानते हुए स्टे देने से किया इन्कार
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। राज्य सरकार की नई आबकारी नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने फिलहाल इस पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया है। जस्टिस नरेश चंद्रवंशी की एकलपीठ ने स्टे आवेदन को खारिज करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया नीति में किसी प्रकार की त्रुटि नजर नहीं आती।
हालांकि, याचिका में शराब की प्लास्टिक बोतलों में बॉटलिंग से संभावित स्वास्थ्य नुकसान का मुद्दा उठाए जाने पर कोर्ट ने इसे गंभीर मानते हुए राज्य शासन से जवाब तलब किया है।
दो सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश
इस संबंध में दो सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। दरअसल ऋषि इंटरप्राइजेज द्वारा दायर याचिका में नई आबकारी नीति को चुनौती देते हुए प्लास्टिक बाटलिंग पर आपत्ति जताई गई थी।
याचिकाकर्ता का कहना है कि प्लास्टिक बोतलों में शराब भरने से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए इस व्यवस्था पर रोक लगाई जानी चाहिए।
फिलहाल नीति को वैध मानते हुए स्टे देने से इन्कार
कोर्ट ने फिलहाल नीति को वैध मानते हुए स्टे देने से इन्कार किया है, लेकिन स्वास्थ्य से जुड़े पहलुओं पर शासन का पक्ष जानना आवश्यक बताया है। मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित की गई है, जहां शासन का जवाब सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।