ईडी की 80 करोड़ की कुर्की पर बड़ा झटका मोक्षित कार्पोरेशन की याचिका छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने की खारिज
बिलासपुर हाई कोर्ट ने मोक्षित कार्पोरेशन की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें ईडी द्वारा की गई 80.36 करोड़ रुपये की कुर्की को चुनौती दी गई थी। कोर...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 13 Aug 2026 12:01:38 PM (IST)Updated Date: Thu, 13 Aug 2026 12:01:38 PM (IST)
प्रतीकात्मक चित्रHighLights
- 80 करोड़ की संपत्तियों की कुर्की पर बरकरार है ईडी की कार्रवाई।
- पीएमएलए के तहत हुई कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिका खारिज।
- हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया- सीधे रिट याचिका दाखिल करना उचित नहीं।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: हाई कोर्ट ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की गई लगभग 80.36 करोड़ रुपये की अनंतिम कुर्की को चुनौती देने वाली मोक्षित कार्पोरेशन और अन्य की याचिका खारिज कर दी है।
कोर्ट ने कहा कि पीएमएलए में कुर्की आदेश को चुनौती देने के लिए प्रभावी वैधानिक व्यवस्था उपलब्ध है, इसलिए असाधारण परिस्थितियों को छोड़कर सीधे हाई कोर्ट में रिट याचिका दाखिल नहीं की जा सकती। न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु की एकलपीठ ने यह आदेश सुनवाई के बाद पारित किया।
ईडी ने 13 मार्च 2026 को पीएमएलए की धारा 5(1) के तहत अनंतिम कुर्की आदेश जारी किया था, जिसके तहत 46 चल-अचल संपत्तियां कुर्क की गई थीं। मोक्षित कार्पोरेशन छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कार्पोरेशन लिमिटेड को मेडिकल उपकरण और उपभोग्य सामग्री की आपूर्ति करती है।
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याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि कंपनी को टेंडर के तहत प्राप्त वैध कारोबारी मुनाफे को ईडी ने गलत तरीके से अपराध से अर्जित आय मान लिया है। कोर्ट ने कहा कि पीएमएलए के तहत कुर्की की वैधता पर निर्णय लेने के लिए पहले अधिनिर्णयन प्राधिकरण के समक्ष कार्यवाही का प्रावधान है।]
हालांकि, याचिकाकर्ताओं को राहत देते हुए कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वे अपने सभी कानूनी तर्क प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।