बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)।Chhattisgarh High Court News: बीते 90 दिनों से जेल में बंद कालीचरण को हाई कोर्ट ने सशर्त नियमित जमानत दे दी है। कालीचरण को एक लाख रुपये निजी बांड व 50-50 हजार रुपये जमा करने वाले दो जमानतदार पेश करने होंगे। वहीं सुनवाई के दौरान अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कालीचरण को जमानत देने का विरोध किया था। उनका कहना था कि जेल से बाहर निकलने के बाद वे सांप्रदायिक हिंसा फैला सकते हैं।

रायपुर में आयोजित धर्म संसद में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाले कालीचरण की जमानत याचिका पर शुक्रवार को हाई कोर्ट की सिंगल बेंच में सुनवाई हुई। इस दौरान कालीचरण के वकील किशोर भादुड़ी ने दलील पेश करते हुए कहा कि किताबों में लिखी हुई बातों पर सार्वजनिक रूप से बयान देना कोई अपराध नहीं है।

कालीचरण 90 दिनों से जेल में बंद हैं और पुलिस ने उनके खिलाफ आरोप पत्र भी पेश कर दिया है। जमानत उनका अधिकार है। लिहाजा उनको जमानत पर रिहा किया जाए। इधर, शासन की तरफ से अतिरिक्त महाधिवक्ता सुनील ओटवानी ने बहस करते हुए कहा कि महात्मा गांधी जैसे राष्ट्र पुरुष के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के बाद भी कालीचरण को कोई पछतावा नहीं है। ऐसे में उन्हें जमानत न दी जाए। दोनों पक्ष को सुनने के बाद जस्टिस अरविंद सिंह चंदेल की बेंच ने कालीचरण को जमानत पर रिहा करने का फैसला सुनाया है।

क्या है मामला

कालीचरण पर 25-26 दिसंबर 2021 को रायपुर के रावणभाटा में आयोजित धर्म संसद कार्यक्रम में महात्मा गांधी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने का आरोप है। इसके बाद कालीचरण के खिलाफ टिकरापारा थाने में राजद्रोह का मामला पंजीबद्ध किया गया था। मध्यप्रदेश के खजुराहो से कालीचरण को लाज से गिरफ्तार किया गया था। रिमांड के बाद 31 दिसंबर से कालीचरण अब तक जेल में है।

पुलिस ने पेश किया था 50 पेज का चालान

कालीचरण महाराज के खिलाफ पुलिस ने हाई कोर्ट में 50 पेज का चालान पेश किया था। शुक्रवार को भोजनावकाश के पहले सुनवाई के बाद सिंगल बेंच ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। भोजनावकाश के बाद जब कोर्ट की कार्रवाई शुरू हुई तब सिंगल बेंच ने अपना फैसला सुनाया। हाई कोर्ट के फैसले के बाद याचिकाकर्ता कालीचरण को 92 दिनों बाद जेल से रिहाई मिलेगी।

Posted By: Abrak Akrosh

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