
बिलासपुर। Chhattisgarh High Court News: चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल मेडिकल कालेज को राज्य शासन ने अधिग्रहित करने का निर्णय लिया है। शासन के इस फैसले के खिलाफ चंदूलाल चंद्राकर के पोते अमित चंद्राकर ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। दुर्ग में चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल हास्पिटल और मेडिकल कालेज संचालित है। अमित चंद्राकर ने अपनी याचिका में कहा है कि उनके दादा चंदूलाल चंद्राकर ने मेमोरियल हास्पिटल और मेडिकल कालेज के लिए दशकों पहले लीज पर जमीन ली थी।
नगर निगम की अनुमति के बिना बोर्ड आफ डायरेक्टर्स ने हास्पिटल की जमीन को मेडिकल कालेज के निर्माण के लिए गिरवी रख दी है और इंडियन बैंक से करोड़ों स्र्पये का लोन स्वीकृत करा लिया है। याचिकाकर्ता ने बोर्ड आफ डायरेक्टर्स पर अवैध दस्तावेज प्रस्तुत कर लोन लेने का आरोप लगाया है। अपनी याचिका में उन्होंने कहा है कि लोन की राशि हासिल करने के बाद उसे बंदरबांट कर ली गई, जिसकी वजह से कालेज घाटे में जाता रहा।
वहीं लोन की राशि जमा न करने की वजह से बैंक ने कालेज को नीलाम करने की घोषणा कर दी। इसके चलते अब कालेज के विद्यार्थियों के भविष्य पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है। इधर कालेज की मान्यता भी रद कर दी गई है। इस स्थिति में अब राज्य सरकार चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कालेज और हास्पिटल दोनों के अधिग्रहण की बात कह रही है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में मेडिकल कालेज के अधिग्रहण की घोषणा भी कर दी है। अमित चंद्राकर ने सरकार द्वारा कालेज के अधिग्रहण और बैंक की ओर से नीलामी को चुनौती दी है। इस प्रकरण की अभी सुनवाई तय नहीं हुई है। लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में प्रकरण की शीघ्र सुनवाई हो सकती है।