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पुलिस आरक्षकों की पदोन्नति पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की अंतरिम रोक: अंतिम प्रमोशन आदेश अगली सुनवाई तक नहीं होंगे जारी

छत्तीसगढ़ में पुलिस आरक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने अहम अंतरिम आदेश पारित किया है।

By Digital DeskEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Mon, 06 Jul 2026 02:08:35 PM (IST)Updated Date: Mon, 06 Jul 2026 02:08:35 PM (IST)
पुलिस आरक्षकों की पदोन्नति पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की अंतरिम रोक: अंतिम प्रमोशन आदेश अगली सुनवाई तक नहीं होंगे जारी
प्रतीकात्मक चित्र इंटरनेट से लिया गया

HighLights

  1. शासन ने जवाब के लिए मांगा समय
  2. हाईकोर्ट ने दिया अंतरिम निर्देश
  3. अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पुलिस विभाग पदोन्नति की विभागीय प्रक्रिया जारी रख सकता है, लेकिन अगली सुनवाई तक किसी भी आरक्षक के पक्ष में अंतिम पदोन्नति आदेश जारी नहीं करेगा। न्यायमूर्ति बिभू दत्त गुरु की एकल पीठ ने यह अंतरिम राहत और आदेश वरिष्ठता सूची तैयार करने में नियमों के उल्लंघन के आरोपों पर आरक्षक सुरेंद्र कुमार देशमुख की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया।

याचिका में पुलिस मुख्यालय द्वारा स्वयं के अनुरोध पर दूसरे जिलों में स्थानांतरण लेकर पहुंचे आरक्षकों की वरिष्ठता तय करने के तरीके पर सवाल उठाया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि नियमों के अनुसार ऐसे आरक्षकों को नए जिले की वरिष्ठता सूची में सबसे नीचे स्थान दिया जाना चाहिए, लेकिन विभाग उनकी प्रारंभिक नियुक्ति तिथि के आधार पर वरिष्ठता निर्धारित कर उन्हें पदोन्नति का लाभ देने की तैयारी कर रहा है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता धीरज कुमार वानखेड़े ने दलील दी कि इससे उन आरक्षकों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं जो वर्षों से संबंधित जिले में कार्यरत हैं और नियमानुसार पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं।


शासन ने जवाब के लिए मांगा समय

राज्य शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता गैरी मुखोपाध्याय ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता ने पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी स्पष्टीकरण पत्र को सीधे चुनौती नहीं दी है। उन्होंने यह भी कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार याचिकाकर्ताओं में से कुछ स्वयं पदोन्नति की पात्रता सूची में शामिल हो सकते हैं। शासन ने विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने के लिए अदालत से तीन सप्ताह का समय मांगा।

हाईकोर्ट ने दिया अंतरिम निर्देश

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने तथा छत्तीसगढ़ पुलिस कार्यपालिक बल, आरक्षक (भर्ती, पदोन्नति एवं सेवा की शर्तें) नियम, 2007 के प्रावधानों का परीक्षण करने के बाद हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित किया। अदालत ने कहा कि पुलिस विभाग पदोन्नति से जुड़ी प्रशासनिक एवं विभागीय प्रक्रिया जारी रख सकता है, लेकिन मामले की अगली सुनवाई तक किसी भी आरक्षक के संबंध में अंतिम पदोन्नति आदेश जारी नहीं किया जाएगा।

अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी

अदालत ने प्रतिवादियों की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता द्वारा नोटिस स्वीकार किए जाने के कारण उनके लिए प्रक्रिया शुल्क से छूट प्रदान की। वहीं 37 अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने इस याचिका को समान प्रकृति के एक अन्य मामले के साथ अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का आदेश भी दिया है।