• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • बिलासपुर

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट: पत्नी का इलाज और बच्चों की पढ़ाई, तबादले के खिलाफ अभ्यावेदन दे सकेंगे उप अभियंता

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बिलासपुर से अंबिकापुर किए गए उप अभियंता दिलहरण टंडन के स्थानांतरण मामले में महत्वपूर्ण राहत दी है। पत्नी के न्यूरोलॉजिकल इलाज और...और पढ़ें

By Kamlesh RajakEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Wed, 14 Oct 2026 04:20:04 PM (IST)Updated Date: Wed, 14 Oct 2026 04:20:04 PM (IST)
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट: पत्नी का इलाज और बच्चों की पढ़ाई, तबादले के खिलाफ अभ्यावेदन दे सकेंगे उप अभियंता

HighLights

  1. उप अभियंता को तबादले के खिलाफ अभ्यावेदन देने की छूट।
  2. हाईकोर्ट ने सक्षम समिति को 25 दिन में निर्णय के निर्देश दिए।
  3. पत्नी के इलाज और बच्चों की पढ़ाई का दिया गया हवाला।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में पदस्थ उप अभियंता दिलहरण टंडन को तबादले के खिलाफ अभ्यावेदन देने की छूट दी है। जस्टिस बिभु दत्ता गुरु ने 12 अक्टूबर को पारित आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता राज्य की स्थानांतरण नीति के तहत गठित सक्षम समिति के समक्ष 10 दिन के भीतर नया अभ्यावेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। समिति को अभ्यावेदन मिलने के 25 दिन के भीतर नियमानुसार कारण सहित निर्णय लेने का निर्देश दिया गया है।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि दिलहरण टंडन की नियुक्ति 24 अगस्त 2011 को परियोजना क्रियान्वयन इकाई, बलरामपुर में उप अभियंता के पद पर हुई थी। इसके बाद उनका स्थानांतरण कोरिया और फिर अंबिकापुर किया गया।

30 सितंबर 2022 के आदेश से उन्हें अंबिकापुर से बिलासपुर स्थित परियोजना क्रियान्वयन इकाई में पदस्थ किया गया, जहां वह काम कर रहे हैं। एक अक्टूबर 2026 के आदेश से उनका फिर अंबिकापुर तबादला कर दिया गया। याचिकाकर्ता का कहना है कि उनकी पत्नी अर्चना टंडन तंत्रिका संबंधी बीमारी से पीड़ित हैं और बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में नियमित उपचार करा रही हैं। उनके दो नाबालिग बच्चे भी बिलासपुर में दूसरी और तीसरी कक्षा में पढ़ते हैं। ऐसे में तबादले से परिवार के इलाज और बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ सकता है।


समिति को देना होगा कारण सहित आदेश

राज्य शासन के अधिवक्ता ने याचिका का विरोध किया, लेकिन कहा कि यदि उप अभियंता स्थानांतरण नीति के खंड 8 के तहत गठित समिति के सामने अभ्यावेदन देते हैं, तो उस पर नियमानुसार विचार किया जाएगा। इसके बाद हाई कोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर कोई राय दिए बिना याचिका का निराकरण कर दिया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि 10 दिन में अभ्यावेदन प्रस्तुत करने पर समिति उस पर लागू स्थानांतरण नीति के अनुसार विचार कर यथासंभव 25 दिन में कारण सहित आदेश पारित करे। तबादला रद्द करने या बिलासपुर में ही पदस्थ रखने का कोई अंतिम आदेश हाई कोर्ट ने नहीं दिया है।