
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। कोरिया के बैकुंठपुर में एक नाबालिग बालिका की आत्महत्या से संबंधित मामले में पुलिस की कार्रवाई अब हाई कोर्ट की जांच के दायरे में आ गई है। आरोप है कि सात जुलाई को 17 वर्षीय एक नाबालिग लड़की अपनी 14 वर्षीय रिश्तेदार बहन के साथ आईसी मार्ट में खरीदारी करने गई थी।
वहां मार्ट के संचालक और कर्मचारियों ने उन पर चोरी का आरोप लगाते हुए कोरे कागज पर सामान की लिस्ट बनवाने के लिए दबाव डाला और चोरी की स्वीकारोक्ति लिखवाई। नाबालिग की स्कूटी भी मार्ट संचालक ने अपने पास रख ली थी। इसके बाद आठ जुलाई को नाबालिग ने प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए सुसाइड नोट लिखकर आत्महत्या कर ली।
इस मामले में पुलिस ने आरोपित दीपक, विनोद और जगत वैद के खिलाफ अपराध दर्ज किया। आरोपितों की अग्रिम जमानत याचिका हाई कोर्ट में लंबित रहने के दौरान कोरिया पुलिस ने अपनी वेबसाइट पर उन्हें फरार बताते हुए उनकी गिरफ्तारी के लिए इनाम की घोषणा की। इस पर हाई कोर्ट ने तत्कालीन कोरिया एसपी रवि कुमार कुर्रे को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब देने का आदेश दिया है।
हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार व्यास ने पुलिस से कई बिंदुओं पर जवाब मांगा। 10 जुलाई को जारी प्रेस विज्ञप्ति में आरोपितों को फरार बताया गया था और उनकी गिरफ्तारी के लिए ₹5,000 का इनाम घोषित किया गया था, जिसे बाद में बढ़ाकर ₹10,000 कर दिया गया। कोर्ट ने पूछा कि इस संबंध में महाधिवक्ता कार्यालय से सत्यापन कराया गया था या नहीं।
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सुनवाई में बताया गया कि कोरिया पुलिस की वेबसाइट पर आरोपितों को फरार बताया गया, जबकि उनकी जमानत की कार्यवाही हाई कोर्ट में लंबित थी। कोर्ट ने एसपी से पूछा कि प्रेस विज्ञप्ति जारी करने से पहले क्या सामग्री और साक्ष्य एकत्र किए गए थे।
इसके अलावा, हाई कोर्ट ने जांच की निष्पक्षता को लेकर भी निर्देश दिए हैं कि पीड़िता के पिता और चाचा को जांच से दूर रखा जाए। यदि दोनों की जांच में शामिल होने की बात सामने आती है, तो अदालत गंभीर रुख अपना सकती है। मामले की अगली सुनवाई आठ सितंबर को होगी, जिसमें एसपी का स्पष्टीकरण और सीसीटीवी डीवीआर की रिपोर्ट पेश की जाएगी।