छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फैसला: एकतरफा तलाक रद, अब पति-पत्नी दोनों को मिलेगा अपनी बात रखने का मौका
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने रायपुर के योगेश और शीतल अग्रवाल के एकतरफा तलाक मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए परिवार न्यायालय के आदेश को रद कर दिया है।
Publish Date: Fri, 23 Oct 2026 05:53:00 PM (IST)Updated Date: Fri, 23 Oct 2026 05:53:00 PM (IST)
HighLights
- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने परिवार न्यायालय के आदेश को किया रद्द।
- एकतरफा तलाक मामले में अब दोनों पक्ष रख सकेंगे साक्ष्य।
- योगेश अग्रवाल और शीतल अग्रवाल विवाद से जुड़ा मामला।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने रायपुर निवासी योगेश अग्रवाल और उनकी पत्नी शीतल अग्रवाल के बीच एकतरफा तलाक की डिक्री को लेकर चल रहे विवाद में परिवार न्यायालय को दोनों पक्षों के साक्ष्य दर्ज करने के बाद फैसला करने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल ने पत्नी की अर्जी पर साक्ष्य लेने से इन्कार करने संबंधी परिवार न्यायालय का आदेश रद कर दिया। योगेश अग्रवाल ने परिवार न्यायालय, रायपुर में तलाक की याचिका दायर की थी।उनके पक्ष में एकतरफा तलाक की डिक्री पारित हुई। इसके बाद शीतल अग्रवाल ने आवेदन देकर डिक्री निरस्त करने की मांग की।
पति ने 17 जुलाई को आवेदन देकर कहा कि मामले में तथ्य विवादित हैं, इसलिए दोनों पक्षों के साक्ष्य दर्ज किए जाने चाहिए। परिवार न्यायालय ने उनकी यह मांग खारिज कर दी थी। पत्नी की ओर से बताया गया कि उसने मामला रायपुर से महाराष्ट्र के गोंदिया स्थित परिवार न्यायालय में स्थानांतरित कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
इस पर अंतरिम आदेश पारित हुआ था। पत्नी का पक्ष था कि उसके अधिवक्ता से उचित संवाद नहीं होने के कारण आदेश की जानकारी समय पर पति और रायपुर परिवार न्यायालय तक नहीं पहुंच सकी। इसी बीच 27 मार्च को एकतरफा तलाक की डिक्री पारित हो गई।