छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: दूसरी पत्नी के सरकारी नौकरी में होने पर बेटे को नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति
बिलासपुर हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि दिवंगत सरकारी कर्मचारी के परिवार का कोई सदस्य पहले से सरकारी सेवा में है, तो दूसरे सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति नहीं मिल सकती। कोर्ट ने मृत डीएसपी के बेटे की याचिका खारिज करते हुए कहा कि नियमों के खिलाफ जाकर केवल आर्थिक तंगी के आधार पर छूट नहीं दी जा सकती।
Publish Date: Mon, 17 Aug 2026 09:19:50 AM (IST)Updated Date: Mon, 17 Aug 2026 09:40:34 AM (IST)
छत्तीसगढ़ हाई कोर्टHighLights
- मृत डीएसपी के बेटे की याचिका हाई कोर्ट ने की नामंजूर।
- परिवार का कोई सदस्य पहले से सेवा में हो तो अनुकंपा का अधिकार नहीं
- नियमों के विरुद्ध जाकर आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर नहीं मिल सकती राहत।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुरः हाई कोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति के एक महत्वपूर्ण मामले में स्पष्ट किया है कि यदि मृत सरकारी कर्मचारी के परिवार का कोई अन्य सदस्य पहले से शासकीय सेवा में है, तो परिवार के दूसरे सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार नहीं मिल सकता।
जस्टिस बिभु दत्ता गुरु ने पुलिस विभाग के दिवंगत अधिकारी के बेटे आदित्य चौहान की याचिका खारिज करते हुए कहा कि नीति में स्पष्ट अयोग्यता होने पर केवल आर्थिक निर्भरता या पारिवारिक परिस्थितियों के आधार पर नियमों में छूट नहीं दी जा सकती।
यह मामला जशपुर निवासी आदित्य चौहान से संबंधित है, जिनके पिता लक्ष्मण दास चौहान पुलिस विभाग में उप पुलिस अधीक्षक थे। कोविड महामारी के दौरान 23 सितंबर 2020 को उनका निधन हो गया। आदित्य ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया, जिसे सक्षम अधिकारी ने 31 अक्टूबर 2025 को खारिज कर दिया।
कारण बताया गया कि दिवंगत कर्मचारी की दूसरी पत्नी उमा तिवारी पहले से ही सिंचाई विभाग में सहायक वर्ग-तीन के पद पर कार्यरत हैं। आदित्य ने दलील दी कि उमा तिवारी अलग रहती हैं और परिवार को आर्थिक सहायता नहीं देतीं, लेकिन कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया।
यह भी पढ़ें- निगम कर्मियों के नियमितीकरण पर हाईकोर्ट का आदेश! तीन महीने में तार्किक फैसला लें बिलासपुर कमिश्नर
हाई कोर्ट ने यह कहा
हाई कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग की 14 जून 2013 की अनुकंपा नियुक्ति नीति का हवाला देते हुए कहा कि यदि मृत विवाहित सरकारी कर्मचारी के परिवार का कोई अन्य सदस्य सरकारी सेवा में है, तो अनुकंपा नियुक्ति के लिए पात्रता नहीं होगी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अनुकंपा नियुक्ति का उद्देश्य मृत कर्मचारी की मृत्यु से परिवार पर आए आर्थिक संकट में सहायता प्रदान करना है।