
बिलासपुर।CIMS News Bilaspur: वेतनवृद्धि की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) के 316 कर्मचारी आज से हड़ताल पर रहेंगे। इसके कारण ब्लड बैंक, लेबर ओटी, केजुअल्टी, जांच लैब और ओपीडी प्रभावित रहेगा। इस दौरान अस्पताल में भर्ती 700 मरीजों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। साथ ही पोस्टमार्टम भी प्रभावित होगा। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष अमरू साहू ने बताया कि वर्ष 2013-14 व 2014-15 के दौरान सिम्स में 316 कर्मचारियों की नियुक्ति नियमित पदों पर की गई थी। इसके बाद से तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी अपनी नियमित सेवाएं दे रहे हैं।
इस दौरान कर्मचारियों ने कई बार वेतनवृद्धि की मांग की। इस पर विचार नहीं किया गया। सात साल गुजरने के बाद अब कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। न्याय नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों को छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आह्वान में सिम्स में कार्यरत तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों को मजबूर होकर काम बंद करने का निर्णय लेना पड़ा है।
सिम्स महाविद्यालय व चिकित्सालय के तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग के कर्मचारी दो और तीन अगस्त को हड़ताल में शामिल होंगे। इस दौरान मरीजों को होने वाली परेशानियों के लिए शासन और सिम्स प्रबंधन के अड़ियल रवैया जिम्मेदार है।
सोमवार को ओपीडी में सबसे ज्यादा मरीज
सिम्स के ओपीडी में सामान्य दिनों में भी सोमवार को ज्यादा मरीज पहुंचते हैं। वर्तमान समय में कोरोना संक्रमण के साथ ही वायरल इंफेक्शन, सर्दी और बुखार के मरीज बढ़े हुए हंै। ऐसे में सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल होने के कारण सोमवार को यहां की ओपीडी में शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र से तकरीबन एक हजार से अधिक मरीज पहुंचते हैं। कर्मचारियों की हड़ताल से ओपीडी में आने वाले मरीजों को परेशानियों का सामना करने पड़ेगा। डाक्टरों की जांच के बाद मरीजों को अलग-अलग जांच के लिए समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
चार टीम बनाकर व्यवस्था करेंगे दुस्र्स्त
मरीजों को परेशानी ना हो इसके लिए सिम्स प्रबंधन ने भी तैयारी शुरू कर दी है। ठेके पर काम करने वालों की चार टीमें बनाई गई है। इन्हें अलग-अलग जगहों पर तैनात किया जाएगा। इलाज प्रभावित ना हो इसके लिए स्वास्थ्य विभाग से भी मदद मांगी गई है। कर्मचारियों को हड़ताल वापस लेने भी कहा गया है।