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बादलों की लुका-छिपी से खेती की चाल प्रभावित: तखतपुर में रोपाई तेज, बेलतरा-रतनपुर को अभी भी इंतजार

बिलासपुर जिले में 1 जून से 8 जुलाई तक 81.9 प्रतिशत औसत वर्षा हुई है। तखतपुर और बेलगहना जैसे क्षेत्रों में अच्छी बारिश से रोपाई ने रफ्तार पकड़ ली है, जब...और पढ़ें

By Dhirendra Kumar SinhaEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Thu, 09 Jul 2026 09:11:46 AM (IST)Updated Date: Thu, 09 Jul 2026 09:11:46 AM (IST)
बादलों की लुका-छिपी से खेती की चाल प्रभावित: तखतपुर में रोपाई तेज, बेलतरा-रतनपुर को अभी भी इंतजार
किसान अब रोपाई में पूरी तरह जुटे, प्रतीकात्मक चित्र

HighLights

  1. 81.9 प्रतिशत वर्षा के साथ कृषि कार्यों में तेजी।
  2. खेतों में नमी बढ़ते ही रोपाई ने पकड़ी रफ्तार।
  3. बादलों की चाल ने तय किया खेती का मानचित्र।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। एक जून से आठ जुलाई तक वर्षाऋतु के 38 दिनों में बिलासपुर जिले में वर्षा का वितरण समान नहीं रहा। तखतपुर और सकरी तहसीलों में औसत के करीब बेहतर वर्षा दर्ज होने से खेतों में रोपाई का माहौल बन गया है, जबकि बेलतरा और रतनपुर अब भी अपेक्षाकृत कम वर्षा वाले क्षेत्र बने हुए हैं। पिछले दो दिनों तक झमाझम वर्षा के बाद अब लगातार दो दिन वर्षा शून्य रहने से किसान खेतों की तैयारी और रोपाई में तेजी से जुट गए हैं।

कलेक्टर कार्यालय की दैनिक वर्षा रिपोर्ट के अनुसार एक जून से आठ जुलाई तक जिले में कुल 2568.9 मिमी वर्षा दर्ज हुई, जो पिछले दस वर्षों की औसत 3136.9 मिमी का 81.9 प्रतिशत है। तहसीलवार आंकड़ों में तखतपुर 270.8 मिमी वर्षा और 93.3 प्रतिशत उपलब्धि के साथ सबसे मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहा है। सकरी में 251.5 मिमी वर्षा दर्ज हुई, जबकि बेलगहना 238.7 मिमी के साथ अपने औसत से 106.8 प्रतिशत तथा पचपेड़ी 232.2 मिमी के साथ 102.3 प्रतिशत वर्षा प्राप्त कर चुके हैं।


दूसरी ओर बेलतरा में केवल 156.4 मिमी (59.9 प्रतिशत) और रतनपुर में 181.6 मिमी (66.4 प्रतिशत) वर्षा होने से यहां किसान अभी भी अगली अच्छी वर्षा का इंतजार कर रहे हैं। बीते दो दिनों की झमाझम वर्षा ने खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचा दी है। इसके बाद लगातार दो दिन वर्षा नहीं होने से खेतों में पानी का दबाव कम हुआ और यही समय किसानों के लिए रोपाई का सबसे अनुकूल अवसर बन गया। तखतपुर, सकरी, बेलगहना और पचपेड़ी क्षेत्र में धान की रोपाई तेजी पकड़ रही है, जबकि बेलतरा और रतनपुर के किसान अगली अच्छी वर्षा की उम्मीद के साथ खेत तैयार रखने में जुटे हैं। कृषि गतिविधियां अब पूरे जिले में गति पकड़ने लगी हैं।

वर्षा का अंतर, खेती की रफ्तार अलग

आंकड़े बताते हैं कि जिले के भीतर ही वर्षा का अंतर खेती की रफ्तार तय कर रहा है। तखतपुर और सकरी में पर्याप्त नमी मिलने से रोपाई तेजी से आगे बढ़ रही है। बेलगहना और पचपेड़ी ने अपने औसत से अधिक वर्षा दर्ज कर बेहतर स्थिति बनाई है। इसके विपरीत बेलतरा और रतनपुर में कम वर्षा के कारण किसान पानी की अगली खेप का इंतजार करते हुए खेतों की तैयारी पर अधिक ध्यान दे रहे हैं।

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24 घंटे में चार तहसीलों में दर्ज हुई वर्षा

आठ जुलाई को जिले की अधिकांश तहसीलों में वर्षा शून्य रही। केवल कोटा में 11.4 मिमी, बेलतरा में 10.4 मिमी, रतनपुर में 3.1 मिमी और सकरी में 2.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई। बिलासपुर, बिल्हा, मस्तुरी, तखतपुर, सीपत, बेलगहना और पचपेड़ी में दिनभर वर्षा नहीं हुई। इससे खेतों में पानी का संतुलन बना और कृषि कार्यों को गति मिली।

जिले की औसत अभी सामान्य से नीचे

जिले में अब तक की कुल वर्षा पिछले दस वर्षों की औसत का 81.9 प्रतिशत ही पहुंची है। इसका मतलब यह है कि शुरुआती दौर में अच्छी वर्षा के बावजूद जिले को अभी और नियमित वर्षा की जरूरत है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार आगामी दिनों में सामान्य वर्षा का क्रम बना रहा तो धान की रोपाई समय पर पूरी होने के साथ फसल की शुरुआती बढ़वार भी बेहतर रहेगी।

प्रमुख पांच तहसीलों का वर्षा विवरण

तहसील 1 जून से 8 जुलाई तक वर्षा (मिमी) औसत का प्रतिशत

तखतपुर 270.8 93.3%

सकरी 251.5 82.6%

बेलगहना 238.7 106.8%

पचपेड़ी 232.2 102.3%

सीपत 213.2 85.9%