बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर यानी कमाऊ पूत के जोनल स्टेशन में लगे कोच इंडिकेशन बोर्ड को मोतियाबिंद जैसी बीमारी हो गई है। तभी तो आए दिन यह डिस्पले बंद रहता है। शुक्रवार को भी यह समस्या हुई। कोरबा-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस को प्लेटफार्म नंबर तीन पर पहुंची। इसके आने की घोषणा तो दूर कौन सा कोच कहां आएगा, इसकी भी जानकारी डिस्पले में सार्वजनिक नहीं की गई। इसके कारण यात्रियों को काफी समस्या हुई।
बिलासपुर जोनल स्टेशन में अक्सर यह समस्या देखने को मिल रही है। खासकर प्लेटफार्म दो व तीन में दिक्कत होती है। यहां लगे कोच इंडिकेशन बोर्ड हमेशा बंद रहते हैं। इसके चलते यात्रियों को आरक्षित कोच की जानकारी नहीं मिल पाती, जबकि यात्रियों की असुविधा दूर करने के लिए ही इसे शुरू की गई है। जिम्मेदार रेल अधिकारियों को भी इसकी सुध नहीं है। यह सुविधा शुरू हुए तीन से चार साल ही हुए हैं। वर्तमान में यह ठीक तरह आपरेट नहीं होता।
इसके चलते यात्रियों को अपने कोच में चढ़ने के लिए इधर-उधर भागना पड़ता है। यात्री ट्रेन के कोच में लगे बोर्ड के आधार पर बैठते हैं। प्लेटफार्म दो व तीन में दुर्ग व रायपुर दिशा की ज्यादातर ट्रेनें पहुंचती हैं। सबसे ज्यादा आवश्यकता इन्हीं दोनों प्लेटफार्म पर है। लेकिन समस्या यहीं ज्यादा रहती है। प्लेटफार्म एक कोच इंडिकेशन बोर्ड सही रहते हैं। यात्री आए दिन इस समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन रेल प्रशासन व्यवस्था सुधारने में जरा भी दिलचस्पी नहीं ले रहा है। इसके कारण अब यात्रियों का गुस्सा भड़कने लगा है। जन्माष्टमी पर्व के कारण बड़ी संख्या में लोग स्टेशन पहुंचे थे। ट्रेन के आने की सूचना नहीं मिलने से काफी नाराज हुए।
इंडिकेशन बोर्ड की सुविधा महत्वपूर्ण
किसी भी स्टेशन में कोच इंडिकेशन बोर्ड की सुविधा बेहद महत्वपूर्ण होती है। इस संकेतक बोर्ड से यात्री ट्रेन के पहुंचने से पहले यह जान लेते हैं उनका जिस कोच में आरक्षण है, वह प्लेटफार्म के किस हिस्से में आएगा। इसके मुताबिक वह लगेज आदि लेकर खड़े हो जाते हैं। ट्रेन पहुंचते ही यात्री बिना किसी असुविधा के संबंधित कोच में चढ़ जाते हैं। लेकिन रेलवे के खराब व्यवस्था के कारण अक्सर यात्रियों को यह परेशानी हो रही है।