• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • बिलासपुर

ढाई हजार चंदा न देने पर हुक्का-पानी बंद, खेत जुताई रोकी सामाजिक बहिष्कार, बिलासपुर कलेक्टर-SP की चौखट पर न्याय की आस

बिलासपुर के रतनपुर थाना क्षेत्र स्थित ग्राम नवागांव मोहदा में नवधा रामायण का 2500 रुपये चंदा न देने पर पीड़ित संतोष कुमार साहू और उनके परिवार का सामाज...और पढ़ें

By kranti namdevEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Tue, 22 Sep 2026 04:24:10 PM (IST)Updated Date: Tue, 22 Sep 2026 04:24:10 PM (IST)
ढाई हजार चंदा न देने पर हुक्का-पानी बंद, खेत जुताई रोकी सामाजिक बहिष्कार, बिलासपुर कलेक्टर-SP की चौखट पर न्याय की आस
कलेक्टर कार्यालय पहुंचा पीड़ित संतोष साहू

HighLights

  1. 5 माह से भटक रहा पीड़ित, नवागांव मोहदा में सामाजिक बहिष्कार
  2. खेत जुताई रोकी, बात करने पर 2500 जुर्माना, सिस्टम बना लाचार
  3. 5 महीने में 3 बार कलेक्टर के पास पहुंचा पीड़ित परिवार

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुरः शासन और प्रशासन के सामने न्याय की आस लेकर पहुंचने वाले ग्रामीणों की शिकायतों पर मैदानी स्तर पर किस कदर अनदेखी हो रही है, इसका उदाहरण ग्राम नवागांव मोहदा के मामले में सोमवार को सामने आया है। रतनपुर थाना क्षेत्र निवासी संतोष कुमार साहू (57) बीते पांच महीनों में तीन बार कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर सामाजिक बहिष्कार की लिखित शिकायत दर्ज करा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

पीड़ित के अनुसार, मार्च 2023 में नवधा रामायण के चंदे को लेकर गांव के कुछ लोग पहुंचे और ढाई हजार की मांग की माली हालत ठीक न होने की वजह से वे चंदा नहीं दे पाए थे। उन्होंने बताया उस दौरान उन्हें बीमारी और आर्थिक तंगी के चलते चंदा न दे पाने पर ग्रामीणों ने उनका और उनके परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया।


बात करने वालों पर 2500 रुपये का अर्थदंड लगाया गया और खेत जुताई तक रोक दी गई। रतनपुर थाने में शिकायत के बाद जब कोई कदम नहीं उठाया गया, तो पीड़ित ने 13 जुलाई को पुलिस अधीक्षक और 28 जुलाई को कलेक्टर जनदर्शन में न्याय की गुहार लगाई। इसके बावजूद गांव के दबंग खुलेआम धमकियां दे रहे हैं और इंटरनेट मीडिया पर आपत्तिजनक संदेश प्रसारित कर प्रताड़ित कर रहे हैं।

सीएम हेल्पलाइन और आरटीआई के जरिए जानकारी मांगने के बाद भी जांच रिपोर्ट ठंडे बस्ते में है। पांच माह से न्याय के लिए भटक रहे पीड़ित ने अब जिला प्रशासन से मामले में तत्काल आपराधिक प्रकरण दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

यह भी पढ़ें- राखड़ बांध पर बना जंगल..एनटीपीसी बनाएगा कॉटेज, GGU की टीम करेगी रिसर्च तलाशेंगे जैव-विविधता के संकेत