200 से 300 रुपये प्रति यात्री लेता था दलाली, व्हाट्सएप चैट व 76 हजार रुपये के 15 टिकट जब्त, मुख्य क्लर्क गिरफ्तार
बिलासपुर रेल मंडल के करगीरोड आरक्षण केंद्र में आरपीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य वाणिज्य लिपिक चंद्रप्रकाश विश्वकर्मा को टिकट दलाली के आरोप में ग...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 01 Oct 2026 03:26:56 PM (IST)Updated Date: Thu, 01 Oct 2026 03:26:56 PM (IST)
आरपीएफ की गिरफ्त में मुख्य वाणिज्य लिपिकHighLights
- करगीरोड आरक्षण केंद्र का मुख्य वाणिज्य लिपिक दलाली में गिरफ्तार।
- 200-300 रुपये कमीशन लेकर दलाल को बेचता था आरक्षित टिकट।
- 76 हजार रुपये के 15 टिकट और व्हाट्सएप चैट जब्त।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: रेलवे में टिकट दलाली के खिलाफ चल रही कार्रवाई में आरपीएफ को एक और बड़ी सफलता मिली है। बुधवार को मुखबिर की सूचना पर करगीरोड स्थित रेलवे आरक्षण केंद्र में कार्यरत मुख्य वाणिज्य लिपिक को बिना आरक्षण मांग पत्र के आरक्षित टिकट बनाकर अपने पास रखने के मामले में पकड़ा गया।
जांच में उसने कथित तौर पर बताया कि वह वीरेंद्र केंवट नामक व्यक्ति के कहने पर आरक्षित टिकट बनाकर उसे देता था और इसके बदले प्रति व्यक्ति 200 से 300 रुपये कमीशन लेता था। यह कार्रवाई बिलासपुर वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त बिलासपुर के सुपरविजन में टिकट दलालों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।
आरपीएफ की टीम ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर करगीरोड आरक्षण केंद्र में दबिश दी। इस दौरान मुख्य वाणिज्य लिपिक चंद्रप्रकाश विश्वकर्मा के पास एक आरक्षित काउंटर टिकट मिला, जिसे बिना आरक्षण मांग पत्र के बनाया गया था। जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन में वाट्सएप चैट भी मिली। इसमें टिकट बनाने और देने से संबंधित संदेशों का आदान-प्रदान होना पाया गया।
आरपीएफ ने मोबाइल में मौजूद टिकटों की जानकारी और चैट की जांच के बाद आवश्यक साक्ष्य जुटाए। मामले में मौके पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए दस्तावेज तैयार किए गए। आरोपित को जब्त सामग्री व दस्तावेजों के साथ आगे की जांच के लिए उसलापुर आरपीएफ पोस्ट को सौंप दिया गया। यहां उसके विरुद्ध रेलवे अधिनियम की धारा 143 के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया।
एक काउंटर टिकट समेत 14 टिकट जब्त जांच में आरोपित के कब्जे से पीएनआर 2164155098 का एक काउंटर टिकट, जिसकी कीमत 1470 रुपये थी, बरामद किया गया। इसके अलावा मोबाइल में वाट्सएप के माध्यम से 14 टिकट मिले। इनमें तीन पुराने टिकटों की कीमत 9280 रुपये और 11 भविष्य की यात्रा के लिए आरक्षित टिकटों की कीमत 65,470 रुपये थी। इस तरह 14 टिकटों का मूल्य 74,720 रुपये पाया गया। आरपीएफ ने वाट्सएप चैट की 14 पेज की प्रिंट कापी और मोबाइल फोन भी जब्त किया।
जैतहरी के एजेंट के लिए बना रहा था एलटीटी-गोरखपुर का टिकट
आरपीएफ की कार्रवाई के दौरान करगी रोड आरक्षण केंद्र में पकड़ा गया मुख्य वाणिज्य लिपिक जैतहरी के एक एजेंट के लिए एलटीटी से गोरखपुर का आरक्षित टिकट बना रहा था। दबिश के समय वह इसी टिकट को बनाने में जुटा था। जांच के दौरान आरपीएफ को टिकट दलाली से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं। आरपीएफ अब पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है।
मोबाइल में मिले वाट्सएप संदेशों और टिकटों की जानकारी के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि टिकट दलाली का नेटवर्क कहां तक फैला है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में कुछ और लोगों के नाम सामने आने की आशंका है।
ओपनिंग डेट टिकट में बड़ा खेल, दलाल पहले ही कर लेते हैं बुकिंग
ओपनिंग डेट पर टिकट बुकिंग को लेकर रेलवे आरक्षण में दलाली का खेल होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। टिकट बुकिंग की अवधि 120 दिन से घटाकर 60 दिन किए जाने के बाद प्रमुख ट्रेनों के आरक्षण में दलालों की सक्रियता बढ़ने का दावा किया जा रहा है।
आरोप है कि ओपनिंग डेट पर ही मिलीभगत के जरिए कुछ ट्रेनों की सीटें बुक कर ली जाती हैं। इसका असर आम यात्रियों को टिकट बुक कराने के दौरान दिखाई देता है। बुकिंग शुरू होने के कुछ ही समय बाद प्रमुख ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची नजर आने लगती है। ओपनिंग डेट पर टिकट उपलब्ध होने का इंतजार कर रहे यात्रियों को कई बार बुकिंग खुलते ही कन्फर्म टिकट नहीं मिल पाता।