पानी के नाम पर करोड़ों बहाए, बिलासपुर में बड़ा फर्जीवाड़ा, 15 गांवों में काम ठप, तरस रहे लोग
बिलासपुर जिले में जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत 516 एकल नल-जल योजनाओं के क्रियान्वयन में बड़ी लापरवाही सामने आई है। कुल 553 प्रस्तावित टंकियों में से 151 टंकियां अब भी अधूरी या अप्रारंभ हैं। इसके साथ ही सोलर आधारित योजनाओं में भी 12 स्थानों पर काम शुरू नहीं हो सका
Publish Date: Fri, 04 Sep 2026 11:46:15 PM (IST)Updated Date: Fri, 04 Sep 2026 11:46:15 PM (IST)
प्रतीकात्मक चित्र इंटरनेट से लिया गयाHighLights
- बिलासपुर में जल जीवन मिशन की 151 पानी टंकियां अधूरी।
- 553 प्रस्तावित टंकियों में से केवल 402 का काम पूर्ण।
- 15 गांवों में काम ठप, 12 स्थलों पर सोलर पंप गायब।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: जल जीवन मिशन के तहत करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी जिले के ग्रामीण अंचलों में लोगों के कंठ सूखे हैं। 516 गांवों में घर-घर जलापूर्ति के लिए 553 आरसीसी टंकियों का निर्माण होना था। तय मियाद बीतने के बाद भी 151 टंकियां अधूरी रहने से सफेद हाथी साबित हो रही हैं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के तहत जिले में एकल नल-जल योजना के तहत कुल 516 योजनाएं स्वीकृत की गई थीं।
इनके तहत गांवों में जलापूर्ति के लिए 553 आरसीसी टंकियों का निर्माण प्रस्तावित किया गया है। विभागिय आंकड़ों के अनुसार अब तक केवल 402 टंकियों का काम ही पूरा हो सका है। मैदानी स्तर पर 136 टंकियों का निर्माण कार्य अब भी प्रगतिरत है, जबकि 15 गांवों में निर्माण कार्य शुरू तक नहीं हो पाया है। इतना ही नहीं, सुदूर और भू-जल आधारित अंचलों के लिए स्वीकृत सोलर पंप स्थापना कार्य भी लक्ष्य से पीछे चल रहा है।
जिले में 138 सोलर पंप योजनाओं के तहत 276 स्थलों का सर्वे पूरा कर कार्यदेश जारी किए गए थे। इनमें से 257 स्थलों पर ही सोलर पंप स्थापित हो सके हैं। सात स्थलों पर काम प्रगति पर है और 12 स्थलों पर काम अब तक प्रारंभ नहीं किया जा सका है। टंकी निर्माण में देरी और वितरण पाइपलाइन अधूरी रहने से सैकड़ों घरों तक नल कनेक्शन नहीं पहुंच सका है। गर्मी और जल संकट के बीच ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हो रहे हैं।
एकल योजना: 136 टंकियां प्रगतिरत, 15 का काम ठप
जिले में एकल ग्राम नल-जल योजनाओं के तहत 516 योजनाएं स्वीकृत हैं। कुल प्रस्तावित 553 आरसीसी टंकियों में से अब तक 402 टंकियों का निर्माण ही पूर्ण हो सका है। शेष 136 टंकियों का निर्माण कार्य प्रगतिरत है, जबकि 15 टंकियों का कार्य अप्रारंभ स्थिति में अटका हुआ है, जिससे जलापूर्ति ठप है।