नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के नाम पर वर्षों से करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट जमीन पर उतारे जा रहे हैं, लेकिन शहर के सबसे जरूरी और बुनियादी मुद्दों में शामिल फुटपाथ आज भी उपेक्षित है। शहर की करीब 90 प्रतिशत सड़कों पर पैदल चलने वालों के लिए अलग जगह नहीं है। नतीजा यह है कि सदर बाजार, गोलबाजार, तेलीपारा मुख्य मार्ग, जूना बिलासपुर, लिंक रोड और टेलीफोन एक्सचेंज मार्ग जैसे व्यस्त इलाकों में लोगों को सड़क पर ही चलना पड़ता है।
बाजारों में सामान सड़क तक फैलने और अतिक्रमण के कारण स्थिति और खराब हो गई है। पैदल चलने की जगह नहीं होने से लोग वाहनों के बीच चलने को मजबूर हैं और इससे जाम के साथ दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर में बड़ी-बड़ी सड़कें और अधोसंरचना प्रोजेक्ट तैयार किए गए, लेकिन पैदल यात्रियों के लिए समर्पित फुटपाथ की व्यवस्था को प्राथमिकता नहीं मिल सकी।
शहर के प्रमुख मार्गों पर रोज हजारों लोग खरीदारी और दूसरे कामों के लिए पैदल पहुंचते हैं। फुटपाथ नहीं होने के कारण उन्हें सड़क और वाहनों के बीच से गुजरना पड़ता है। पुराना बस स्टैंड, लिंक रोड,सीपत रोड, मोपका, सकरी, रिंग रोड, सिरगिट्टी, उसलापुर, तिफरा, जरहाभाठा, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भी पैदल चलने वालों के लिए पर्याप्त जगह नहीं है।
पुराने बाजारों में आज तक पहल नहीं
शहर के पुराने बाजारों में सदर बाजार, गोलबाजार, तेलीपारा मुख्य मार्ग, जूना बिलासपुर और टेलीफोन एक्सचेंज मार्ग प्रमुख हैं। यहां संभागभर से व्यापारी और आम नागरिक रोजाना हजारों की संख्या में खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। खरीदारी के दौरान लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पैदल जाना पड़ता है, लेकिन फुटपाथ नहीं होने से उन्हें सड़क पर चलना पड़ता है। इससे व्यस्त समय में जाम की स्थिति बनती है और पैदल यात्रियों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है।
30 से 40 फीट तक सड़क पर कब्जा
शहर के प्रमुख बाजारों में कई जगह दुकानों का सामान सड़क तक फैल जाने और अस्थायी कब्जों के कारण पैदल चलने की जगह सिकुड़ गई है। कुछ स्थानों पर सड़क के किनारे 30 से 40 फीट तक हिस्से का इस्तेमाल दुकानों और कारोबार के लिए किया जा रहा है। इससे फुटपाथ बनाने के लिए उपलब्ध जगह भी कम हो जाती है। फुटपाथ निर्माण और अतिक्रमण हटाने में नगर निगम, लोक निर्माण विभाग तथा यातायात और परिवहन विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है।
निगम दफ्तर के सामने ही फुटपाथ नहीं
नेहरू चौक स्थित नगर निगम मुख्यालय विकास भवन के सामने ही फुटपाथ का निर्माण नहीं किया गया है। यहां प्राथमिकता पार्किंग को दी गई है। बेसमेंट के साथ प्रथम तल पर पार्किंग और परिसर में वाहनों के लिए पर्याप्त जगह होने के बाद भी सड़क तक घेरा कर पार्किंग बनाया गया है। यहां से पैदल चलने वाले आए दिन दुर्घटना का शिकार होते हैं।
फुटपाथ नहीं तो सड़क ही सहारा
फुटपाथ के अभाव में पैदल यात्रियों के सामने सबसे बड़ी समस्या सड़क पर चलने की है। वाहनों की आवाजाही के बीच पैदल चलने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। बाजार और सार्वजनिक स्थानों के आसपास यह समस्या और गंभीर हो जाती है। लोगों का कहना है कि फुटपाथ केवल सुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षित आवागमन की बुनियादी जरूरत है।
फुट ब्रिज बनाने से समाधान संभव
सरकंडा के व्यापारी अभिषेक तिवारी का कहना है कि शहर में पैदल चलने के लिए फुटपाथ नहीं होना बड़ी समस्या है। सड़क से गुजरने वाले करीब 40 प्रतिशत लोग पैदल ही खरीदारी करने पहुंचते हैं। जहां फुटपाथ बनाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है, वहां महानगरों की तर्ज पर फुट ब्रिज बनाया जाना चाहिए, ताकि लोग सुरक्षित तरीके से सड़क पार कर सकें और पैदल आवागमन कर सकें।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल होना था फुटपाथ
कुदुदंड निवासी अधिवक्ता सुनीता ठाकुर ने कहा कि शहर में फुटपाथ निर्माण का काम स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल किया जाना था। इससे यातायात की समस्या काफी हद तक कम हो सकती थी। फुटपाथ निर्माण नहीं होने और सुप्रीम कोर्ट के फुटपाथ से संबंधित निर्देशों के बावजूद इस दिशा में अपेक्षित काम नहीं होने पर सवाल उठते हैं।
सुरक्षित पैदल आवागमन का प्रयास जरूरी
गृहिणी प्रमीला राजपूत का कहना है कि शहर और गांव में रहने वाले अधिकांश लोग खरीदारी के लिए बाजारों में पैदल जाते हैं। सड़क पर फुटपाथ नहीं होने से पैदल चलते समय हादसे का डर बना रहता है। सुरक्षित पैदल आवागमन लोगों का अधिकार और अनिवार्य जरूरत है। नगर निगम और जिला प्रशासन को फुटपाथ निर्माण की दिशा में पहल करनी चाहिए।
वर्जन
शहर की जिन सड़कों पर पैदल चलने वालों की संख्या अधिक है, वहां सर्वे कराने के बाद प्राथमिकता के आधार पर फुटपाथ निर्माण का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा जाएगा। लोगों को राहत देने के लिए पहले अधिक दबाव वाले मार्गों को चिह्नित किया जाएगा। इसके बाद कम दबाव वाले मार्गों पर भी फुटपाथ बनाने की पहल की जाएगी।
प्रकाश कुमार सर्वे, आयुक्त, नगर निगम, बिलासपुर