नौ साल से जेल में बंद आरोपित की अपील पर देरी: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बदला वकील, लीगल एड की कार्यशैली पर जताई नाराजगी
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 9 साल से जेल में बंद एक कैदी की अपील में देरी होने पर लीगल एड वकील बीपी राव को हटा दिया है। चीफ जस्टिस की बेंच ने वकील के लापरवाह रवैये पर कड़ी नाराजगी जताते हुए नया अमिकस क्यूरी नियुक्त किया है और विधिक सहायता कमेटी को भविष्य के लिए सख्त निर्देश दिए हैं।
Publish Date: Thu, 23 Jul 2026 11:21:14 AM (IST)Updated Date: Thu, 23 Jul 2026 11:21:14 AM (IST)
छत्तीसगढ़ हाईकोर्टHighLights
- कैदियों की स्वतंत्रता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं।
- न्याय में देरी पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की दो टूक।
- पेशेवर दायित्वों के प्रति गंभीर रहें अधिवक्ता।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुरः हाई कोर्ट ने नौ वर्षों से जेल में बंद एक आरोपित की आपराधिक अपील की सुनवाई में देरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए लीगल एड (विधिक सहायता) के अधिवक्ता की कार्यशैली पर गंभीर नाराजगी जताई है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल के डिवीजन बेंच ने कहा कि आरोपित की स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में अधिवक्ताओं को पूरी निष्ठा और गंभीरता से अपने दायित्व निभाने चाहिए।
मामला दिनेश हियाल बनाम छत्तीसगढ़ शासन से संबंधित है। रिकार्ड के अनुसार, अपीलकर्ता 26 फरवरी 2017 से जेल में बंद है। उसकी आपराधिक अपील 25 मार्च 2025 को स्वीकार की गई थी और 27 फरवरी 2025 को हाई कोर्ट की लीगल एड कमेटी ने अधिवक्ता बीपी राव को पैरवी के लिए नियुक्त किया था। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता बीपी राव ने 22 से 28 जुलाई तक समायोजन का आवेदन प्रस्तुत किया।
अदालत ने पाया कि नियुक्ति के बाद से उन्होंने अपील की शीघ्र सुनवाई के लिए कोई प्रयास नहीं किया, जबकि अपीलकर्ता लगभग नौ वर्षों से जेल में है। अदालत ने इसे मामले के प्रति कैजुअल रवैया करार दिया और समायोजन का अनुरोध अस्वीकार कर दिया। कोर्ट ने तत्काल अधिवक्ता वैभव ए. गोवर्धन को अमिकस क्यूरी नियुक्त किया।
अधिवक्ता विकास बाजपेयी ने अदालत को बताया कि उन्होंने पेपरबुक बीपी राव से प्राप्त कर ली है। इसके बाद अदालत ने मामले की सुनवाई अगले दिन के लिए निर्धारित कर दी। डिवीजन बेंच ने हाई कोर्ट की लीगल एड कमेटी को निर्देश दिया कि भविष्य में विधिक सहायता वाले प्रकरण केवल ऐसे अधिवक्ताओं को सौंपे जाएं जो अपने पेशेवर दायित्वों का पूरी लगन, गंभीरता और ईमानदारी से निर्वहन करें।