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वोटर लिस्ट से कटा नाम तो आयोग घर आकर लौटाएगा मताधिकार, बिलासपुर में बीएलओ की फौज तैनात, हर हफ्ते 25 घरों में देंगे दस्तक

विशेष गहन पुनरीक्षण की कैंची से जिन नागरिकों का नाम वोटर लिस्ट से कट गया है, उनका मताधिकार अब आयोग खुद घर आकर लौटाएगा।

By kranti namdevEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sat, 03 Oct 2026 09:32:20 PM (IST)Updated Date: Sat, 03 Oct 2026 09:32:20 PM (IST)
वोटर लिस्ट से कटा नाम तो आयोग घर आकर लौटाएगा मताधिकार, बिलासपुर में बीएलओ की फौज तैनात, हर हफ्ते 25 घरों में देंगे दस्तक
पुरानी और नई मतदाता सूची का होगा मिलान। (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. रैन बसेरों-श्रमिक बस्तियों में लगेंगे विशेष कैंप
  2. पुरानी और नई मतदाता सूची का होगा मिलान
  3. कार्यालयों के चक्कर काटने से मिलेगी मुक्ति

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। विशेष गहन पुनरीक्षण की कैंची से जिन नागरिकों का नाम वोटर लिस्ट से कट गया है, उनका मताधिकार अब आयोग खुद घर आकर लौटाएगा। निर्वाचन आयोग ने बड़ा फैसला लेते हुए बीएलओ की फौज को गली-मोहल्लों में उतारने का आदेश दिया है। अफसरों को दफ्तरों से निकलकर हर हफ्ते पच्चीस घरों की चौखट तक दस्तक देना होगा और पात्र पाए जाने पर मौके पर ही फार्म छह भरवाना होगा।

अंतिम मतदाता सूची का आपस में होगा मिलान

विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य यह तय करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अपने बुनियादी अधिकार से वंचित न रह जाए। आयोग के निर्देशानुसार सभी बीएलओ गहन पुनरीक्षण से पूर्व वाली पुरानी सूची और हालिया अंतिम मतदाता सूची का आपस में मिलान करेंगे। इससे उन नागरिकों की पहचान आसानी से हो जाएगी जिनके नाम पुरानी सूची में दर्ज थे पर वर्तमान सूची में छूट गए हैं।


सूची राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों से भी साझा की जाएगी

बीएलओ ऐसे चिन्हित मतदाताओं के घर जाकर उनका वर्तमान पता और वास्तविक स्थिति जांचेंगे तथा मौके पर फार्म छह भरवाएंगे। प्रत्येक बीएलओ को हर सप्ताह 20 से 25 मतदाताओं का सत्यापन कर एक माह में यह काम पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। तैयार की गई सूची राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों से भी साझा की जाएगी।

इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर स्वीप गतिविधियों, स्कूलों और कालेजों के माध्यम से युवाओं को नाम जुड़वाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। यह पूरी कवायद पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई जाएगी।

रैन बसेरों और श्रमिक बस्तियों में भी लगेंगे कैंप

मतदाता सूची को पूरी तरह समावेशी बनाने के लिए आयोग ने वंचित वर्ग को प्राथमिकता दी है। इसके तहत श्रमिक कालोनियों, रैन बसेरों और बेघर लोगों के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इसके अलावा सामान्य मतदान केंद्रों पर भी आवेदन जमा करने के लिए कैंप आयोजित होंगे ताकि किसी भी नागरिक को कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।

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सत्यापन के बाद ईआरओ लेंगे अंतिम फैसला

घर-घर जाकर सत्यापन पूरा करने के बाद बीएलओ अपनी फील्ड रिपोर्ट और भरे गए आवेदन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को सौंपेंगे। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत ईआरओ ही नाम जोड़ने के संबंध में अंतिम निर्णय लेंगे। पूरी प्रक्रिया के बाद राजनीतिक दलों को दोबारा सूची देकर दावा-आपत्ति का एक और मौका उपलब्ध कराया जाएगा।

मतदाता पंजीकरण एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। विशेष अभियान का उद्देश्य छूटे हुए पात्र नागरिकों और पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं को सुविधा प्रदान कर सूची में जोड़ना है। नागरिक बीएलओ के सर्वे और विशेष शिविरों का लाभ उठाकर अपना नाम जरूर जुड़वाएं।- शिव कुमार बनर्जी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी बिलासपुर