
बिलासपुर। Delta Plus Varient Test of Bilaspur: कोरोना महामारी में अगस्त का माह जिले के लिए राहत भरी रही है। लगातार संक्रमितों की संख्या कम होती जा रही है। वहीं अभी तक डेल्टा प्लस वेरियंट की आशंका को लेकर पाजिटिव मरीजों के भुवनेश्वर स्थित केंद्रीय वायरोलाजी लैब भेजे गए 456 सैंपल में से मिली 301 की रिपोर्ट में कोई भी इस खतरनाक वेरियंट से संक्रमित नहीं मिला है। इस तरह अभी तक जिले में इस वेरियंट का प्रवेश नहीं हुआ है।
तीसरी लहर में कहर मचाने के लिए लिए कोरोना वायरस का खतरनाक रूप डेल्टा प्लस वेरियंट आ चुका है। यह कई पड़ोसी राज्यों में लगातार लोगों को संक्रमित करते हुए अपनी रफ्तार बढ़ाता जा रहा है। लेकिन, अभी तक जिले समेत पूरे छत्तीसगढ़ में इस वेरियंट से संक्रमित होने वाला एक भी संक्रमित नहीं मिला है। ऐसे में शासन यह चाहता है कि कैसे भी कर इसे प्रदेश में प्रवेश करने से रोका जाए और यदि प्रवेश कर गया है तो उस मरीज की पहचान कर इसके फैलाव को रोका जाए।
इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर राज्य शासन से प्रदेश के सभी वायरोलाजी लैब से ऐसे पाजिटिव मरीज जिनकी हालत गंभीर है, उनके सैंपल को भुवनेश्वर स्थित केंद्रीय वायरोलाजी लैब में भेजने के निर्देश दिए हैं। निर्देश के बाद जुलाई व अगस्त माह को मिलाकर सिम्स से 456 सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। उनसमे से 301 सैंपल की रिपोर्ट आ गई है। इनमें से किसी के भी खतरनाक डेल्टा प्लस वेरियंट से संक्रमित होने की पुष्टि नहीं की गई है। साफ है कि अभी तक जिला इस खतरनाक वेरियंट से सुरिक्षत चल रहा है।
155 सेंपल की आनी है रिपोर्ट
बीते 22 जुलाई को भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। भुनेश्वर में अभी 155 सैंपल रखे हुए हैं, जिनकी जांच नहीं हो सकी है। आशंका है कि इसमे से कोई डेल्टा वेरियंट से संक्रमित हो सकता है। ये सभी सैंपल की रिपोर्ट आने वाले सप्ताह में आने की संभावना है। हालांकि अभी भी स्वास्थ्य विभाग की टीम कोरोना से गंभीर हुए मरीजों का सेंपल जांच के लिए भेजने की तैयारी कर रही है।
डेल्टा प्लस वेरियंट की आशंका को लेकर अभी तक सिम्स के वायरोलाजी लैब से 450 से ज्यादा सैंपल जांच के लिए भुनेश्वर भेजे गए हैं। अब तक 301 की रिपोर्ट आ चुकी है। किसी भी सैंपल में इस वेरियंट के वायरस नहीं पाए गए हैं।
डा. आरती पांडेय, पीआरओ, सिम्स