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विभाग हुआ फेल तो जनता ने संभाला मोर्चा, रेत माफिया के लिए खोदी गहरी खाई, सरपंच बोला- चोरी से परेशान हो चुके हैं

CG News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के तुर्काडीह में प्राकृतिक संसाधनों की लूट इस कदर मची है कि शहर से लगे तुर्काडीह के ग्रामीणों ने लगातार हो रहे अवैध उत्...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Sun, 01 Feb 2026 09:48:24 PM (IST)Updated Date: Sun, 01 Feb 2026 09:48:24 PM (IST)
विभाग हुआ फेल तो जनता ने संभाला मोर्चा, रेत माफिया के लिए खोदी गहरी खाई, सरपंच बोला- चोरी से परेशान हो चुके हैं
रेत माफिया के लिए जनता ने खोदी गहरी खाई

HighLights

  1. रेत चोरी से परेशान हो चुके हैं तुर्काडीह के ग्रामीण, शिकायत के बाद भी तस्करी जोरों पर
  2. सरपंच ने कहा- दिन-रात हो रही रेत चोरी, खनिज विभाग की कार्रवाई सुस्त

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। तुर्काडीह में प्राकृतिक संसाधनों की लूट इस कदर मची है कि शहर से लगे तुर्काडीह के ग्रामीणों ने लगातार हो रहे अवैध उत्खनन से परेशान होकर रेतघाट जाने वाले रास्ते पर पांच फिट गहरा गड्ढा खोद दिया है। लगातार शिकायत के बाद भी रेत माफिया के हौसले बुलंद थे। खनिज विभाग की भी लगातार अनदेखी और सुस्त कार्रवाई से तंग आकर अब ग्रामीणों ने खुद ही सिस्टम को सुधारने का बीड़ा उठाते हुए यह कदम उठाया है। तुर्काडीह ग्राम पंचायत के सरपंच व ग्रामीणों ने रेत चोरी रोकने के लिए एक अनोखा लेकिन कारगर रास्ता खोज निकाला है।

ग्रामीणों ने रेत परिवहन के मुख्य मार्ग पर पांच फिट गहरा और कई फिट चौड़ा गड्ढा खोद दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने यह कदम आत्मरक्षा और गांव की संपत्ति बचाने के लिए उठाया है। पिछले कई महीनों से तुर्काडीह के तटीय इलाकों से अवैध रूप से रेत निकाली जा रही है। भारी-भरकम मशीनों और ट्रैक्टरों के शोर से उनकी रात की नींद हराम हो गई है। शिकायतों का अंबार लगने के बाद भी जब खनिज विभाग के कानों पर जूं नहीं रेंगी, तब ग्रामीणों ने पंचायत स्तर पर बैठक बुलाई और सर्वसम्मति से रास्ता रोकने का निर्णय लिया।


सरपंच प्रमोद पटेल का कहना है कि हम खनिज विभाग को लगातार सूचना दे रहे हैं। साक्ष्य भी दे रहे हैं, इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। अधिकारियों को फोन करो तो आश्वासन मिलता है, लेकिन तस्करों के वाहन नहीं रुकते। रेत की इस अंधाधुंध चोरी से गांव के जलस्तर और पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है। इस कारण पंचायत ने ग्रामीणों के सहयोग से रेत की चोरी रोकने के लिए यह गड्ढा खोदने का कदम उठाया, ताकि तस्करों के वाहन गांव में प्रवेश न कर सके।

खनिज विभाग पर उत्खनन कराने का आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि खनिज विभाग की टीम को दिन-रात चल रहा अवैध उत्खनन दिखाई नहीं देता। लगातार नदी से रेत निकालने की वजह से नदी में कई जगहों पर गहरे गड्ढे हो गए हैं, जो बारिश के दिनों में दुर्घटना का कारण बनते हैं। विभाग से शह मिलने से इन रेत माफियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे सब कुछ देखते हुए भी कार्रवाई नहीं करते हैं। आरोप है कि रेत उत्खनन दिन व रात चल रहा है और कभी कभार कार्रवाई होती है तो वह दो से तीन टैक्टर ही पकड़ कर खानापूर्ति कर लेते हैं।

खतरे में ग्रामीण बुनियादी ढांचा

ग्रामीणों का कहना है कि रेत माफियाओं द्वारा उपयोग किए जाने वाले भारी ट्रक व ट्रैक्टर से न केवल पर्यावरण को क्षति हो रही है, बल्कि गांव की आंतरिक सड़कें व बच्चों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है। फिलहाल उन्होंने सुरक्षा व रेत चोरी रोकने के लिए अस्थायी गड्ढा खोदा है। यह गड्ढा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और प्रशासन की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।-

तुर्काडीह पुल फिर आ सकता है खतरे में

ग्रामीणों का कहना है नदी से रेत निकालने की सनक खनिज माफिया में ऐसी है कि कुछ साल पहले तुर्काडीह पुल के नीचे से ही रेत चोरी की थी। इससे पुल की संरचना कमजोर हो गई थी। अब फिर से वही स्थिति निर्मित हो रही है। अधिकारियों ने अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया तो तुर्काडीह पुल फिर से कमजोर हो सकता है।

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हमारी पेट्रोलिंग टीम लगातार क्षेत्र में निगरानी रखी हुई है और अवैध उत्खनन पर नजर बनाए हुए है। हमारी कार्रवाई भी लगातार जारी है। हम समय-समय पर छापेमारी करते हैं और वाहनों को जब्त भी किया जाता है। किशोर गोलघाटे, जिला खनिज अधिकारी।