
नईदुनिया प्रतिनिधि,बिलासपुरः शरदीय नवरात्र की शुरुआत के साथ ही पूरा शहर मां दुर्गा की आराधना में लीन है। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक चारों तरफ उत्सव का माहौल है। रात होते ही शहर के प्रमुख पंडालों और बाजारों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। बड़ी संख्या में लोग मां दुर्गा की प्रतिमाओं के दर्शन, आकर्षक पंडालों की सजावट और मनोहारी झांकियों को देखने के लिए परिवार के साथ सड़कों पर निकल रहे हैं, पर सड़कों में अंधेरा होने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था और जनसुविधाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। लेकिन इसके विपरीत नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ठीक त्योहार के मुहाने पर निगम की व्यवस्थाएं पटरी से उतरती दिख रही हैं और शहर के मुख्य मार्गों की स्ट्रीट लाइटें अचानक बुझने लगी हैं।
त्योहार के इन दिनों में जब सड़कों पर सबसे ज्यादा चहल-पहल रहती है, तब शहर के कई अहम और व्यस्त मार्ग अंधेरे में डूबे नजर आ रहे हैं। स्थिति यह है कि तिफरा मुख्य मार्ग, फ्लाईओवर से लेकर राजीव गांधी चौक तक और इसके आगे गांधी चौक से इंदू उद्यान चौक तक स्ट्रीट लाइटें पूरी तरह बंद पड़ी हैं। यही नहीं, शहर की अन्य मुख्य सड़कों पर भी यही हाल देखने को मिल रहा है, जहां बीच-बीच में स्ट्रीट लाइटें खराब होने के कारण बड़े हिस्से में अंधेरा छाया रहता है। घनी आबादी और भारी ट्रैफिक वाले इन इलाकों में रोशनी न होने से सुरक्षा का खतरा भी बढ़ गया है।
नवरात्र जैसे महापर्व में जब ग्रामीण क्षेत्रों से भी हजारों लोग शहर में मां के दर्शन के लिए आते हैं, ऐसे में मुख्य मार्गों पर पसरा अंधेरा नगर निगम के दावों की पोल खोल रहा है। स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इधर नगर निगम ने बदं पड़ी स्ट्रीटलाइट बदलने व मरम्मत के निर्देश दिए हैं, लेकिन मैदानी अमला सही तरीके से काम नहीं कर रहा है।
रात के समय इन व्यस्त मार्गों पर अंधेरा होने के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर गड्ढे और डिवाइडर ठीक से दिखाई नहीं देने के कारण दुपहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा, अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्वों और मनचलों द्वारा महिलाओं व युवतियों से छेड़खानी या चेन स्नेचिंग जैसी वारदातों को अंजाम दिए जाने का भी डर लगातार बना हुआ है।
इन बातों को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं और शहरवासियों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने तथा नगर निगम के जिम्मेदार अमले को निर्देश देकर युद्धस्तर पर बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को सुधारने की मांग की है, ताकि पर्व के दौरान किसी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
लाइटें पुरानी हो चुकी है, बंद होने पर तत्काल बदलने की प्रक्रिया की जा रही है। यदि चयनित सड़कों पर स्ट्रीटलाइट बंद हैं, तो उसका मरम्मत कराकर स्थिति सामान्य किया जाएगा। त्योहार के दौरान सड़कों पर अंधेरा नहीं रहेगा। विजय ताम्रकार, प्रभारी विद्युत व प्रकाश व्यवस्था