40 प्रतिशत दिव्यांगता, 75 वर्षीय मां बिस्तर पर, बेटा भी दिव्यांग, हाई कोर्ट ने मजबूरी देख तबादले पर लगाई रोक
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 40 प्रतिशत दिव्यांग अधिकारी के तबादले पर अंतरिम रोक लगाई। अधिकारी ने 75 वर्षीय बीमार मां और दिव्यांग बेटे की देखभाल का हवाला दि...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 23 Sep 2026 01:30:58 PM (IST)Updated Date: Wed, 23 Sep 2026 01:30:58 PM (IST)
हाई कोर्ट ने मजबूरी देख तबादले पर लगाई रोक। (फाइल फोटो)HighLights
- सहायक विकास विस्तार अधिकारी को स्थानांतरित किया था।
- अधिकारी ने 40 प्रतिशत स्थायी श्रवण दिव्यांगता बताई।
- उनकी 75 वर्षीय मां बिस्तर पर हैं।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सक्ती जिले के डभरा जनपद पंचायत में पदस्थ सहायक विकास विस्तार अधिकारी कोमल प्रसाद पटेल के तबादले पर अंतरिम रोक लगा दी है। पटेल ने अपनी 40 प्रतिशत स्थायी श्रवण दिव्यांगता, 75 वर्षीय बिस्तर पर पड़ी मां और स्थायी रूप से दिव्यांग 21 वर्षीय बेटे की पारिवारिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए तबादले का विरोध किया था।
कोर्ट ने उन्हें राज्य की तबादला नीति के तहत सक्षम तबादला समिति के समक्ष नए सिरे से अभ्यावेदन देने की अनुमति दी है। जस्टिस बिबू दत्ता गुरु ने यह आदेश पारित किया।
31 अगस्त के तबादला आदेश को दी थी चुनौती
- कोमल पटेल, पिता अर्जुन सिंह पटेल, वर्तमान में जनपद पंचायत डभरा में सहायक विकास विस्तार अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने अधिवक्ता अजय कुमरानी के माध्यम से 31 अगस्त 2026 के तबादला आदेश को चुनौती दी थी।
- राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी आदेश में उनका तबादला जनपद पंचायत कटेकल्याण, जिला दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा किया गया था। याचिकाकर्ता ने बताया कि इस तबादले से उनकी व्यक्तिगत और पारिवारिक परिस्थितियां गंभीर रूप से प्रभावित होंगी।
अभ्यावेदन पर करें विचार
हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अभ्यावेदन पर निर्णय होने तक 31 अगस्त 2026 का तबादला आदेश प्रभावी नहीं होगा। कोर्ट ने निर्देश दिया कि सक्षम समिति स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों और लागू तबादला नीति को ध्यान में रखते हुए अभ्यावेदन पर विचार करे और 25 दिन के भीतर कारणयुक्त आदेश पारित करे।