छत्तीसगढ़ में UCC.. बेटियों को संपत्ति में बराबरी और जनजातीय परंपराओं के संरक्षण पर मंथन शुरू
छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के लिए गठित न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यीय समिति राज्यभर से सुझाव जुटा रह...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 18 Oct 2026 05:00:15 PM (IST)Updated Date: Sun, 18 Oct 2026 05:00:15 PM (IST)
प्रतीकात्मक चित्रHighLights
- छत्तीसगढ़ में यूसीसी लागू करने जनसंवाद और ऑनलाइन सुझाव जारी।
- बिलासपुर में 30 अक्टूबर को होगी संभाग स्तरीय जनसुनवाई।
- न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई समिति तैयार करेगी अंतिम ड्राफ्ट।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में छत्तीसगढ़ शासन ने प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। शासन की ओर से गठित उच्चस्तरीय समिति राज्यभर में जनसंवाद और फील्ड स्टडी कर रही है। समिति आनलाइन सुझाव भी जुटा रही है। इसका उद्देश्य पर्सनल ला के स्थान पर राज्य के सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करने के व्यावहारिक पहलुओं पर विचार करना है।
वर्तमान में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई और पारसी समुदाय अपने-अपने व्यक्तिगत कानूनों से संचालित होते हैं। यूसीसी लागू होने पर विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और लिव-इन संबंधों जैसे मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान विधिक प्रावधान होंगे।
समिति ने स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित संहिता का धार्मिक आस्था, पूजा पद्धति या रीति-रिवाजों से संबंध नहीं होगा। सभी कानूनी पहलुओं को देखते हुए बिलासपुर संभाग बैठक 30 अक्टूबर को पंडित देवकी नंदन दीक्षित सभा भवन लाल बहादूर शास्त्री स्कूल में होगी, बैठक में 8 संभाग के प्रबुद्ध जन यूसीसी को लेकर अपनी अपनी राय रखेंगे।
जनजातीय परंपराओं का संरक्षण और लैंगिक समान ता
छत्तीसगढ़ में 32 फीसद आदिवासी आबादी है। बस्तर से सरगुजा तक जनजातियों की सदियों पुरानी पारंपरिक और रूढ़िगत प्रथाएं सामाजिक व्यवस्था का हिस्सा हैं। समिति के विचारार्थ विषयों में यह शामिल है कि व्यवस्थाओं पर कानून का क्या प्रभाव पड़ेगा और जनजातियों को विशेष संरक्षण या छूट दी जानी चाहिए या नहीं।
कानून का एक प्रमुख उद्देश्य लैंगिक न्याय सुनिश्चित करना है। इसके तहत सभी धर्मों की बेटियों को पैतृक संपत्ति में समान अधिकार, बहुविवाह पर रोक और महिलाओं के लिए सम्मानजनक भरण-पोषण जैसे विषयों पर विचार किया जाएगा।
अन्य राज्यों के माडल का अध्ययन
उत्तराखंड, गुजरात और मध्य प्रदेश में यूसीसी की दिशा में उठाए गए कदमों का अध्ययन करने के बाद छत्तीसगढ़ शासन ने सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति बनाई है। सभी संभागों से प्रतिक्रियाएं मिलने के बाद समिति कानूनी रूप से त्रुटिरहित मसौदा राज्य कैबिनेट को सौंपेगी। कैबिनेट की मंजूरी मिलने पर इसे विधेयक के रूप में विधानसभा में पेश किया जाएगा।