पुलिस भर्ती: वर्दी का सपना, पथरीली राह पर करोड़ों के स्टेडियम में लगा ताला, बाहर धूल फांक रहे बिलासपुर के भावी रक्षक
बिलासपुर में पुलिस भर्ती और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे दर्जनों युवक-युवतियां मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। अभ्यर्थियों का कहना है कि शह...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 23 Sep 2026 09:57:49 PM (IST)Updated Date: Wed, 23 Sep 2026 09:57:49 PM (IST)
वर्दी पहनने का सपना पूरा करने मैदान की मांग को लेकर पहुंचे अभ्यार्थीHighLights
- बहतराई और पुलिस ग्राउंड के बंद ताले तोड़ रहे खाकी की उम्मीदें
- वर्दी का सपना, पथरीली राह: सड़कों पर दौड़ते हैं भविष्य के रक्षक
- बिलासपुर कलेक्ट्रेट पहुंचे युवाओं का सवाल- आखिर कहां पसीना बहाएं हम
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुरः सीने में खाकी पहनने का जुनून और पैरों में छालों की परवाह किए बिना, सुबह के अंधेरे में सड़कों पर दौड़ते ये युवा केवल अभ्यास नहीं कर रहे, बल्कि अपनी तकदीर गढ़ने की जंग लड़ रहे हैं। शहर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का बहतराई खेल परिसर और पुलिस ग्राउंड मौजूद होने के बाद भी इन भावी रक्षकों के लिए मैदान के दरवाजे बंद हैं।
अपनी उम्मीदों को टूटने से बचाने और एक अदद सुरक्षित ट्रैक की गुहार लेकर मंगलवार को दर्जनों युवक-युवतियां कलेक्ट्रेट की चौखट पर पहुंचे।
हादसों के डर के बीच सड़कों पर दांव पर लगी जिंदगी
सड़कों पर डामर की सख्त सतह पर लगातार दौड़ने के कारण कई अभ्यर्थियों के पैरों और घुटनों में गंभीर चोटें आ रही हैं। तेज रफ्तार वाहनों के कारण आए दिन दुर्घटना का खतरा सिर पर मंडराता रहता है। युवाओं का कहना है कि स्टेडियम के ट्रैक पर अभ्यास मिलने से वे इंजरी से बच सकेंगे और लॉन्ग जंप व रनिंग का सही प्रशिक्षण ले पाएंगे।
सख्त पहरे में खेल परिसर, खाली पड़े रहते हैं ट्रैक करोड़ों की लागत से तैयार बहतराई खेल परिसर और पुलिस मैदान अधिकांश समय सूने पड़े रहते हैं, जबकि जरूरतमंद युवा बाहर धूल फांकने को विवश हैं। अभ्यर्थियों ने प्रशासन को आश्वस्त किया है कि वे परिसर के नियमों, गरिमा और स्वच्छता का पूरा सम्मान करेंगे। उनका कहना है कि बस दिन में दो घंटे अभ्यास की छूट मिल जाए, तो उनका भविष्य संवर जाएगा।
क्या कहना है अभ्यर्थियों का
अभ्यर्थी लक्ष्मी राजपूत ने कहा कि हम किसी तरह की सुविधा नहीं, बस अपने पैरों के नीचे सुरक्षित जमीन मांग रहे हैं। सड़कों पर दौड़ते हुए हमेशा गाड़ियों और चोट का डर लगा रहता है। बहतराई स्टेडियम या पुलिस ग्राउंड में अभ्यास का निश्चित समय मिल जाए तो हम बिना किसी भय के अपनी तैयारी पूरी कर सकेंगे।