नईदुनिया न्यूज, मालखरौदा : महंगाई की मार झेल रही आम जनता पर इन दिनों दोहरी मार पड़ रही है। एक ओर पेट्रोल पंपों पर ई - 20 पेट्रोल की उपलब्धता के बीच वाहन चालकों द्वारा माइलेज कम होने और रखरखाव खर्च बढ़ने की शिकायत की जा रही है, वहीं दूसरी ओर शक्कर के दाम में अचानक हुई बढ़ोतरी ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है।
सक्ती, मालखरौदा और डभरा क्षेत्र के बाजारों में शक्कर का खुदरा भाव करीब 75 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की बात सामने आ रही है। गणेश चतुर्थी और नवरात्रि जैसे त्योहारों से पहले बढ़ी कीमतों ने गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की चिंता बढ़ा दी है।
ई - 20 पेट्रोल से माइलेज घटने का दावा वाहन चालकों के अनुसार क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर अब मुख्य रूप से ई - 20 पेट्रोल ही उपलब्ध है। उनका कहना है कि पेट्रोल की कीमत में राहत नहीं मिली, लेकिन वाहनों के माइलेज में कमी महसूस हो रही है। कुछ वाहन चालकों ने पहले की तुलना में 15 से 20 प्रतिशत तक माइलेज कम होने का दावा किया है।
मोटरसाइकिल मैकेनिक महेश यादव के अनुसार उनके पास रोजाना कई वाहन ऐसी शिकायतों के साथ पहुंच रहे हैं। उनका कहना है कि पुराने वाहनों में ई - 20 ईंधन के उपयोग को लेकर वाहन मालिक परेशानी बता रहे हैं। हालांकि, नई ई - 20 अनुकूल गाड़ियों में ऐसी समस्या अपेक्षाकृत कम होने की बात कही जा रही है। वाहन चालकों का कहना है कि पहले 500 रुपये के पेट्रोल से कई दिनों तक काम चल जाता था, लेकिन अब ईंधन की खपत बढ़ने से खर्च बढ़ गया है। ऑटो और ट्रैक्टर चालकों ने भी ईंधन खर्च तथा रखरखाव लागत बढ़ने की शिकायत की है।
दो महीने में शक्कर के दाम में बड़ा उछाल
पेट्रोल के साथ शक्कर की कीमत में हुई वृद्धि ने भी लोगों को परेशान कर दिया है। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार जून में जहां शक्कर करीब 42 से 45 रुपये किलो बिक रही थी, वहीं अगस्त में इसका खुदरा भाव 75 रुपये किलो तक पहुंच गया है। थोक बाजार में भी कीमत 68 से 70 रुपये किलो के आसपास बताई जा रही है। हालांकि, स्थानीय बाजार में कीमत दुकान और गुणवत्ता के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
चाय और मिठाई भी हुई महंगी
शक्कर महंगी होने का असर चाय, नाश्ता और मिठाई के कारोबार पर भी पड़ रहा है। सकर्रा निवासी कविता साहू ने बताया कि पहले छह किलो शक्कर करीब 270 रुपये में आ जाती थी, जबकि अब इसी मात्रा के लिए लगभग 450 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
चाय व्यवसायियों का कहना है कि दूध और शक्कर की बढ़ती कीमतों के कारण कई दुकानों पर चाय के दाम 10 से बढ़ाकर 15 रुपये करने पड़े हैं। वहीं मिठाई दुकानदारों के अनुसार त्योहारों में लड्डू और अन्य मिठाइयों की लागत बढ़ गई है।
सरकार से राहत की मांग
स्थानीय लोगों ने सरकार और प्रशासन से ई - 20 के साथ उपयुक्त वाहनों के लिए वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराने, ईंधन कीमतों पर राहत देने तथा शक्कर की जमाखोरी और कालाबाजारी की जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि त्योहारी सीजन को देखते हुए बाजार की नियमित जांच होनी चाहिए। साथ ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली में शक्कर की उपलब्धता और कोटा बढ़ाने पर भी सरकार को विचार करना चाहिए।