
जशपुर नगर।Elephant Attack in Jashpur: हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई। घटना तपकरा वन परिक्षेत्र के बाबुसाज बहार गांव की है। जानकारी के मुताबिक इस गांव के निवासी मृतक श्याम कुमार पिता रंजीत रोहिदास मंगलवार की तड़के साढ़े पांच बजे उठकर खेत की ओर जा रहा था। इसी दौरान अचानक पीछे से हाथी निकल आया। आहट पाकर श्याम ने भागने की कोशिश की लेकिन हाथी ने उसे सूढ़ में लपेट कर जमीन में पटक दिया और पैरों से कुचल दिया। घटना में श्याम की मौके पर ही मौत हो गई।
दो दिन में दूसरी मौत
ओडिशा और झारखंड की अन्तर्राज्यी सीमा पर स्थित तपकरा वन परिक्षेत्र हाथियों का स्थाई डेरा बन चुका है। इलाके में हाथियों के उत्पात से जन और संपत्ति नुकसान का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। 24 घण्टे के अंदर इस इलाके में हाथी के हमले में मौत से दूसरी घटना हुई है। बता दें कि सोमवार की सुबह केरसई में दंतैल ने पति के साथ बाजार जा रही एक महिला को चलती हुई बाइक से खींच कर कुचल दिया था।
वन विभाग के आकड़ों के मुताबिक वर्ष 2021 के आठ माह में हाथी जिले में 15 लोगों की जान ले चुका है। गंभीर होते जा रही हाथी समस्या के मामले में शासन और प्रशासन की भूमिका मुआवजा बांटने तक सिमटी हुई है। हाथियों की निगरानी की फिलहाल वन विभाग के पास कोई ठोस योजना नहीं है। खास कर झुंड से अलग हो कर भटकने वाले हाथियों की निगरानी और चेतावनी देने के व्यवस्था पूरी तरह विफल नजर आ रही है।
हालांकि वन विभाग ने तपकरा और कुनकुरी के आठ गांवों में स्मार्ट हूटर की व्यवस्था की है। लेकिन यह हूटर भी लोगों को राहत देता हुआ नजर नहीं आ रहा है। वन विभाग के लिए चिंता की सबसे बड़ी बात है कि हाथी अब दिन में भी हमलावर हो रहे हैं। प्रायः माना जाता है कि हाथी रात के समय जंगल से बाहर निकलते हैं और दिन के समय जंगल मे आराम करते हैं। लेकिन दो दिन में सुबह पांच से छह बजे के बीच हुई घटना इस किवदंती को तोड़ती हुई नजर आ रही है।