मछली चोरों का खूनी जाल: पचरा के तालाब में बिछाया करंट, तड़प-तड़पकर मर गया विशालकाय मगरमच्छ
बिलासपुर के रतनपुर वन परिक्षेत्र के तहत ग्राम पचरा में एक निजी तालाब में करंट बिछाने के कारण एक विशालकाय मगरमच्छ और हजारों मछलियों की तड़पकर मौत हो गई।
Publish Date: Wed, 15 Jul 2026 09:01:04 AM (IST)Updated Date: Wed, 15 Jul 2026 09:01:04 AM (IST)
मृत मगरमच्छ।HighLights
- आपसी रंजिश में तालाबों में दौड़ाया जा रहा मौत का करंट, ग्रामीणों की चेतावनी पर सोता रहा वन अमला
- तालाब में करंट बिछाने से मछलियों के साथ मगरमच्छ की भी मौत; रतनपुर के पचरा गांव की घटना
- डॉक्टर चंदन ने की करंट से मौत की पुष्टि, सीसीएफ मनोज पांडेय बोले- जल्द पकड़ा जाएगा आरोपी
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: रतनपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत पचरा गांव के एक निजी तालाब में किसी ने करंट बिछाया दिया। इस घटना में तालाब की सभी मछलियां मर गईं। वहीं तालाब में मौजूद एक मगरमच्छ की भी मौत हो गई। सूचना मिलते ही वन अमला मौके पर पहुंचा। मृत मगरमच्छ का पोस्टमार्टम कराया गया। जिसमें करंट से मौत की पुष्टि भी हो गई।
इस मामले में वन विभाग ने अपराध दर्ज कर आरोपित की तलाश शुरू कर दी है। घटना मंगलवार की है। पचरा में चांपी जलाशय के नीचे केवल दास मानिकपुरी का निजी तालाब है। इस तालाब में ग्रामीण मछली पालन का कार्य करता है। इस तालाब में किसी ने करंट बिछा दिया। तालाब में करंट प्रवाहित होते ही जितनी भी मछलियां थीं, उसकी मौत हो गई। इसके अलावा मगरमच्छ भी चपेट में आकर दम तोड़ दिया।
तालाब में मगरमच्छ का शव नजर आते ही हड़कंप मच गया। तालाब के किनारे इस विशाल मगरमच्छ का शव नजर आते ही ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। हमेशा की तरह रेंजर समेत अन्य वनकर्मी सूचना मिलने के घंटों बाद घटना स्थल पर पहुंचे। शव पर कई संदिग्ध निशान थे। इसके चलते विभागीय अमले ने जांच शुरू कर दी। सबसे पहले मगरमच्छ के शव को बाहर निकाला गया।
इसके बाद कानन पेंडारी के वन्य प्राणी विशेषज्ञ डा. पीके चंदन को बुलाकर मृत मगरमच्छ का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के दौरान ही डा. चंदन ने करंट से मौत की पुष्टि कर दी। शरीर के भीतर हिस्से में फफोले थे। घटना की खबर फैलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई।
आपसी विवाद हो सकती है वजह
प्रथम दृष्टया वन विभाग इस मामले को आपसी विवाद से जोड़कर देख रहा है। विभाग का मानना है कि तालाब मालिक का गांव के ही किसी व्यक्ति से कुछ विवाद होगा। इसके कारण ही उसने यह हरकत की। विभाग ने उस व्यक्ति की पहचान भी कर ली है। हालांकि उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। विभाग की एक टीम तलाश में जुटी हुई है।
सूचना के बाद भी नहीं जागा वन विभाग, लापरवाही से गई मगरमच्छ की जान
रतनपुर वन परिक्षेत्र एक बार फिर लापरवाही को लेकर सवालों के घेरे में है। पचरा गांव के तालाब में मगरमच्छ होने की सूचना स्थानीय लोगों ने कई बार वन अमले को दी थी, लेकिन परिक्षेत्र अधिकारी से लेकर मैदानी कर्मचारियों तक किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। नतीजतन, तालाब में मछली पकड़ने के लिए छोड़े गए करंट की चपेट में आकर मगरमच्छ की मौत हो गई। इससे पहले भी मां महामाया मंदिर के कुंड में लगातार कछुओं की मौत के मामलों में विभाग की उदासीनता सामने आ चुकी है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यदि सूचना मिलते ही वन विभाग ने मगरमच्छ का रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित जलाशय में पहुंचा दिया होता, तो उसकी जान बच सकती थी। इस घटना ने एक बार फिर वन्यजीव संरक्षण को लेकर विभाग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पचरा के निजी तालाब में करंट बिछाया गया था। इसके चलते तालाब में मौजूद मगरमच्छ की मौत हो गई। तालाब की मछलियां भी मर गईं। आरोपित की तलाश की जा रही है। मनोज कुमार पांडेय सीसीएफ, बिलासपुर वनवृत्त
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