
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। बिल्हा के ग्राम पंचायत सेवार में लापरवाही से पांच गायों कि मौत के मामले में आखिरकार प्रशासन और पशु चिकित्सा विभाग हरकत में आ गया है। घटना को लेकर ग्रामीणों के भारी आक्रोश के बाद पशु चिकित्सा विभाग कि टीम मौके पर पहुंची और मामले कि विधिवत जांच शुरू कर दी गई है।
पशु चिकित्सा विभाग कि जांच टीम में शामिल डा. प्रेमलता पटेल अस्थायी गौठान का निरीक्षण करने पहुंची। उन्होंने मौके पर पहुंच कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया, और मौके पर मौजूद ग्रामीणों से घटना के संबंध में पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए। इसके साथ ही बाड़े में मौजूद मवेशियों के स्वास्थ्य कि जांच भी शुरू कर दी है।
मालूम हो कि फसल को बचाने के लिए ग्रामीणों आपसी सहमति से भाठा क्षेत्र में बेसहारा गोवंश को घेरकर अस्थायी बाड़ा बनाया था, जिसकी देखरेख का जिम्मा पंचायत और ग्रामीणों पर था। शनिवार को चारे-पानी के अभाव और समय पर इलाज न मिलने से पांच गायों तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया था। पंचायत प्रतिनिधियों को भी दो घंटे कि देरी से सूचना मिली थी। अब जांच टीम कि रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि गायों कि मौत भूख-प्यास से हुई या किसी बीमारी से, जिसके बाद ही दोषियों पर कार्रवाई तय कि जाएगी।
ग्रामीणों के बयान से खुलेगी लापरवाही कि परतें
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों जांच अधिकारी डा. प्रेमलता पटेल के समक्ष अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए पूरी अव्यवस्था कि जानकारी दी। ग्रामीणों का कहना है कि गौठान में निगरानी तंत्र पूरी तरह ठप था और बीमार गायों के सुबह से तड़पने के बावजूद शाम तक कोई चिकित्सक नहीं पहुंचा था।
पांच एकड़ में गौठान विकसित करने और प्रभारी नियुक्त करने के दावे केवल कागजों तक सीमित रहे। ग्रामीणों दर्ज बयानों में दोषी प्रभारियों पर कड़ी कार्रवाई कि मांग दोहराई है।
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क्षेत्र में लगातार हो रहीं घटनाएं, कार्रवाई का इंतजार
मस्तूरी क्षेत्र में गोवंश कि मौत का यह पहला मामला नहीं है। बीते माह सीपत के ग्राम झलमला स्थित अस्थायी गौठान में कीचड़ और भूख से दर्जनों मवेशियों कि मौत के बाद शवों को नाले में बहाने और बैकहो लोडर से दफनाने के गंभीर आरोप लगे थे। वहीं, जैतपुर स्थित श्रीधाम गौधाम में भी बाढ़ के बाद कीचड़ और अव्यवस्था से कई मवेशी दम तोड़ चुके हैं। अब सेवार कि घटना में जांच शुरू होने के बाद ग्रामीणों को ठोस कार्रवाई का इंतजार है।
वर्जन...
सेवार स्थित अस्थायी गौठान में पांच गायों कि मौत कि सूचना मिलते ही हमने मामले को पूरी गंभीरता से लिया है। वस्तुस्थिति का पता लगाने के लिए तत्काल मौके पर टीम भेजी गई है और पूरे प्रकरण कि निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। बीमार गोवंश के समुचित उपचार के निर्देश दिए गए हैं। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई होगी।
धीरेंद्र दुबे, जिला अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग बिलासपुर