बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। दुर्ग- जम्मूतवी एक्सप्रेस की पेंट्रीकार में मंगलवार से खाना पकने लगेगा। आइआरसीटीसी ने पेंट्रीकार के संचालन की जिम्मेदारी पुराने ही लाइसेंसी को दी है। दरअसल दो साल की अवधि भी बाकी है। अन्य ट्रेनों के दोबारा टेंडर की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

आइआरसीटीसी जोन की सात ट्रेनों में पेंट्रीकार सुविधा उपलब्ध कराया है। कोरोनाकाल के बाद जब ट्रेनें पटरी पर आई तो इन सभी में खाना पकाने पर पाबंदी लगा दी गई थी। पर अब धीरे- धीरे इन ट्रेनों में पहले की तरह सुविधा शुरू होने लगी है। छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के बाद अब सप्ताह में एक दिन चलने वाली दुर्ग-जम्मूतवी की पेंट्रीकार में खाना पकाने की अनुमति दे दी गई है। इसका ठेका दून कैटरर्स के पास है।

दरअसल कोरोना से पहले इसका ठेका हुआ था। जिसमें 2024 तक पेंट्रीकार का संचालन दून कैटरर्स को दिया गया था। इस लिहाज से अभी दो साल की अवधि बची है। इसलिए दोबारा उसी को संचालन की जवाबदारी सौंपी गई है। पर इससे पहले लाइसेंसी को कागजी प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया। जिसमें पेंट्रीकार के सभी कर्मचारियों का मेडिकल कार्ड, आइकार्ड बनाने के लिए कहा गया।

इन दस्तावेजों के साथ लाइसेंसी को शाम को बिलासपुर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय बुलाया गया है। इस दौरान उसे सफाई व कोविड-19 के नियमों का पालन करने के लिए भी दिशा- निर्देश दिए जाएंगे। मंगलवार की दोपहर को जब ट्रेन बिलासपुर पहुंचेगी तो आइआरसीटीसी की टीम पेंट्रीकार की बारीकी से जांच भी करेगी। जिसमें रेट लिस्ट, सफाई, कर्मचारियों के मेडिकल व आइकार्ड के अलावा जिन राशन सामानों से खाना व नाश्ता पकेगा, उसकी क्वालिटी भी परखी जाएगी।

Posted By: anil.kurrey

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